नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर जानें उनसे जुड़े 10 तथ्य, नजर आएगी उनकी पूरी लाइफ
- Authored by: varsha kushwaha
- Updated Jan 19, 2026, 06:49 PM IST
Netaji Subhash Chandra Bose Life in 10 Line: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती हर साल 23 जनवरी को मनाई जाती है। इस साल उनकी 129वीं जयंती पर आइए आपको उनके जीवन से जुड़ी 10 महत्वपूर्ण बातों के बारे में बताएं, जो हर किसी के लिए जाननी आवश्यक है।
नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर जानें उनसे जुड़े 10 तथ्य
Netaji Subhash Chandra Bose Life in 10 Line: महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की इस साल 129वीं जयंती मनाई जा रही है। 2021 में इसे पीएम मोदी द्वारा पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी। पराक्रम दिवस नेताजी के अद्मय साहस, देशभक्ति, स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान और उसके लिए बलिदान को सम्मानित करने और उन्हें श्रद्धांजली देने के लिए मनाया जाता है। स्वतंत्रता की लड़ाई के दौरान उनके नारों ने देश के हर वर्ग के मन में देशभक्ति की भावना और देश के लिए लड़ने की इच्छा जगा दी थी। आज भी उनके यह नारे देशवासियों में प्रेरणा और देशभक्ति भर देते हैं। आइए नेताजी की 129वीं जयंती के इस अवसर पर आपको उनके जीवन के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें बताएं।
सुभाष चंद्र बोस के जीवन के बारे में 10 फैक्ट्स
1. सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में ओडिशा के कटक जिले में हुआ था। वह एक बंगाली परिवार में जन्मे थे। उनके पिता का नाम जानकीनाथ था और माता का नाम प्रभावती था। सुभाष चंद्र बोस के 14 भाई बहन थे। वह अपने माता-पिता की 9वीं संतान थे।
2. सुभाष चंद्र बोस पढ़ने में बहुत अच्छे थे और उन्होंने भारतीय सिविल सर्विस की परीक्षा पास की थी। इस परीक्षा में उन्होंने चौथी रैंक हासिल की थी। सुभाष चंद्र बोस पढ़ने में बहुत अच्छे थे और उन्होंने भारतीय सिविल सर्विस की परीक्षा पास की थी। इस परीक्षा में उन्होंने चौथी रैंक हासिल की थी।
3. 1921 में उनकी मुलाकात गांधी जी से हुई और उनकी सलाह के बाद वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए।
4. 1937 में नेताजी ने अपनी सेक्रेटरी और ऑस्ट्रियन युवती एमिली से शादी की। उनकी एक बेटी हुई, जिसका नाम अनिता रखा गया।
5. 1942 में सुभाष चंद्र बोस को जर्मनी में भारतीय सैनिकों और भारतीय अधिकारियों द्वारा 'नेताजी' की उपाधि दी गई।
6. 1943 में सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में आजाद हिंद फौज सरकार की स्थापना की। इस फौज को 9 देशों की सरकार ने मान्यता दी थी।
7. बाद में बोर ने 'आजाद हिंद फौज' नाम से एक रेडियो स्टेशन की शुरुआत की और इसके साथ ही उन्होंने पूर्वी एशिया में राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व भी किया।
8. म्यांमार, जिसे पहले बर्मा कहा जाता था, वहां सुभाष चंद्र बोस ने 1944 में प्रसिद्ध नारा 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' लगाया था।
9. अगस्त 1945 में ताइपेई में हुई विमान हादसे के बाद नेताजी लापता हो गए। जिसके बाद उनकी तलाश के लिए 3 जांच आयोग बैठाए गए। इसमें से दो ने हादसे के दौरान मृत्यु का दावा किया। वहीं एक का मानना था कि वह जिंदा थे।
10. 2021 में पीएम द्वारा सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के नाम से मनाने की घोषणा की गई थी।