केंद्र सरकार की इथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वे मंगलवार, 4 अगस्त को 100 समर्थकों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर मार्च करेंगे। इस दौरान वे जनता द्वारा हस्ताक्षरित 2 लाख से अधिक ऑनलाइन याचिकाओं की प्रतियां प्रधानमंत्री को सौंपेंगे और E20 पेट्रोल से वाहनों को हो रहे नुकसान के मुद्दे पर बात करेंगे।
'ट्रंप के दबाव में देशवासियों पर थोपा जा रहा E20' : केजरीवाल के गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
केजरीवाल ने दावा किया कि चर्चा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत को इथेनॉल बेचना चाहते हैं और उनके दबाव में आकर प्रधानमंत्री मोदी देश की जनता पर जबरन E20 पेट्रोल थोप रहे हैं। आरोप यह भी है कि भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 20 अरब डॉलर का इथेनॉल खरीदेगा। ट्रंप के आगे घुटने टेककर देशवासियों की गाड़ियों का नुकसान किया जा रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि E20 पेट्रोल के विरोध में आयोजित उनके डिजिटल टाउनहॉल को करीब 7 लाख लोगों ने लाइव देखा, जो दिखाता है कि लोग अपनी गाड़ियों को लेकर कितने चिंतित हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस नीति के खिलाफ बोलने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को धमकियां दी जा रही हैं और उन पर FIR दर्ज कराई जा रही हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
एक तरफ जहां सड़क पर विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार होने वाले धरना-प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में उठाई गई मुख्य बातें:
वैकल्पिक जगह की मांग: याचिका में जंतर-मंतर पर जगह की भारी कमी, मेडिकल सुविधाओं और अन्य नागरिक सुविधाओं के अभाव का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों के लिए कोई दूसरी जगह चिह्नित करने की मांग की गई।
आवाजाही में दिक्कत: याचिका में कहा गया कि लगातार प्रदर्शनों के कारण आम जनता की आवाजाही प्रभावित होती है।
हालिया प्रदर्शनों का हवाला: सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल के हालिया विरोध प्रदर्शनों के आह्वान और E20 पेट्रोल के खिलाफ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा प्रस्तावित धरने का विशेष रूप से उल्लेख किया गया।
मामले की सुनवाई करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने स्पष्ट रूप से कहा कि हम इन नीतिगत और प्रशासनिक बातों में दखल नहीं देंगे। हालांकि, शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को इस याचिका की एक प्रति सॉलिसिटर जनरल (SG) को सौंपने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से कहा है कि वे इस मसले पर केंद्र सरकार से परामर्श व सलाह लेकर अदालत को अवगत कराएं।
