Gold-Silver Outlook: सोने और चांदी के निवेशकों के लिए 2026 का फर्स्ट हाफ (पहली छमाही) अच्छा नहीं रहा है। दोनों कीमती धातु में बड़ी गिरावट से निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, अब दूसरी छमाही में ट्रेंड बदलने का अनुमान लगाया जा रहा है। इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी UBS का मनना है कि 2027 तक सोना 5,200 डॉलर/औंस तक वापस जा सकता है। लेकिन यह तेजी तभी संभव होगी जब फेडरल रिजर्व दरों को स्थिर रखे और 2027 की शुरुआत में ब्याज दरों में कटौती शुरू करे।
वहीं, मौजूदा समय में सोने (Gold) की स्पॉट कीमत लगभग 4,041 से 4,055 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस है। अगर यूबीएस की माते तो सोने में बड़ी तेजी फिर लौट सकती है। सर्राफा मार्केट और कमोडिटी एक्सपर्ट भी सोने और चांदी में तेजी की उम्मीद जता रहे हैं। आइए इसके पीछे की वजह को समझते हैं और जानते हैं कि दिवाली तक सोना और चांदी का भाव क्या हो सकता है?
सोना इस साल अबतक 5% सस्ता हुआ
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका के कारण सोने की कीमतों पर दबाव है। 2026 की शुरुआत से अब तक सोना करीब 5% सस्ता हुआ है। पिछले सप्ताह अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1.1% गिरकर ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 2.2% टूटकर ₹2.17 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, फेड अधिकारियों के बयान और चीन के व्यापार व महंगाई के आंकड़े आने वाले दिनों में बुलियन बाजार की चाल तय करेंगे।
सोने और चांदी में क्यो आएगी तेजी?
डॉलर में कमजोरी और मजबूत होता युआन: अमेरिकी डॉलर में गिरावट से सोना-चांदी को सपोर्ट मिलेगा। वहीं, एशियाई बाजारों से मजबूती और युआन में सुधार से सोने की फिजिकल डिमांड बढ़ने की उम्मीद है। इसके चलते आने वाले समय में दोनों कीमती धातु की कीमत बढ़ने की पूरी संभावना है।
सेंट्रल बैंकों खरीदारी: दुनियाभर के केंद्रीय बैंक फिर से अपने सोने के भंडार को बढ़ाने में जुट गए हैं। बता दें कि चीन का सेंट्रल बैंक (पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना) लगातार सोने की खरीदारी कर रहा है। जून 2026 तक बैंक ने लगातार 20वें महीने खरीदारी की है। बैंक ने अपने भंडार में लगभग 15 टन सोना जोड़ा है, जिससे कुल स्वर्ण भंडार बढ़कर 2,346 टन हो गया है।
क्रिप्टो की सोने में निवेश: क्रिप्टो-टैथर (USDT) जैसे बड़े प्लेयर ने 14 टन सोना खरीदा है। इससे पता चलता है कि किप्टो जैसे संस्थागत निवेशक सोने को सुरक्षित और सबसे मजबूत एसेट मान रहे हैं।
शादियों का सीजन: भारत में शादियों का सीजन अब शुरू होने वालाहै। वहीं, सोने में गिरावट के बाद फॉलो बाइंग आती है। इससे भी सोना को सपोर्ट मिलेगा।
दिवाल तक सोने और चांदी का टारगेट
केडिया एडवाइजरी के फाउंडर, अजय केडिया के अनुसार, ग्लोबल अनिश्चितता, सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी और डॉलर में कमजोरी सोने और चांदी की कीमतों को ऊपर पर ले जाने के लिए तैयार है। ऐसे में हालिया गिरावट खरीदारी का बेहतरीन मौका हो सकता है। दिवाली तक सोने और चांदी में बड़ी तेजी आ सकती है।
सोना वर्तमान में लगभग ₹1.44 लाख (प्रति 10 ग्राम) के स्तर के पास कारोबार कर रहा है। दिवाली तक यह बढ़कर ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। वहीं, चांदी में भी बड़ी तेजी संभव है। गोल्ड सिल्वर रेश्यो 70 से नीचे के करेक्शन के बाद अब फिर से बॉटम-आउट होकर मजबूत आधार बना रही है। चांदी ₹2.18 लाख के दायरे से निकलकर ₹2.75 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकता है।
सोना-चांदी
अब गिरावट की संभावना बहुत कम
कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का मानना है कि सोने और चांदी में गिरावट का दौर अब थम चुका है और यहां से बड़ी मंदी की आशंका न के बराबर है। उनके अनुसार, आने वाले दिनों में फेस्टिव और शादी-ब्याह के सीजन की वजह से मांग में जबरदस्त इजाफा होगा। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें नहीं बढ़ाना और कच्चे तेल की घटती कीमतें, ये ऐसे मुख्य कारण हैं जो सोने-चांदी को नए शिखर पर ले जाने का काम करेंगे।
(डिस्क्लेमर: यह स्टोरी केवल जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। कोई भी निवेश अपने फाइनेंशियल एक्सपर्ट की सलाह पर ही करें। )
