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SSC Exam Protest News: एसएससी परीक्षा देने वाले छात्रों में क्यों फूटा आक्रोश, हजारों की संख्या में क्यों सड़कों पर उतरकर जता रहे नाराजगी

SSC Selection Post Phase 13 News: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित सिलेक्शन पोस्ट फेज-13 परीक्षा में भारी गड़बड़ियों और अनियमितताओं के खिलाफ देशभर में हजारों छात्र और शिक्षक सड़कों पर उतर आए हैं। शुरुआत में इसे छोटी मोटी शिकायत समझी जा रही थी, लेकिन अब इस बात ने बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है।

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(image source - x.com/khan__sir_patna?lang=en)

SSC Selection Post Phase 13 Protest News in Hindi: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित सिलेक्शन पोस्ट फेज-13 परीक्षा में भारी गड़बड़ियों और अनियमितताओं के खिलाफ देशभर में हजारों छात्र और शिक्षक सड़कों पर उतर आए हैं। शुरुआत में इसे छोटी मोटी शिकायत समझी जा रही थी, लेकिन अब इस बात ने बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा केंद्रों पर अचानक परीक्षा को रद्द कर दिया गया, तकनीकी गड़बड़ियां हुईं और उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। छात्र इसे एसएससी की systemic failure करार दे रहे हैं।

क्या हैं छात्रों और शिक्षकों की मुख्य मांगें?

अभ्यर्थियों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। कई छात्रों ने सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर केंद्रों तक पहुंचने के लिए किराया, होटल आदि पर पैसा खर्च किया, लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि परीक्षा रद्द कर दी गई है।

परीक्षा में व्यापक तकनीकी खामियों की भी शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • कंप्यूटर सिस्टम का क्रैश होना
  • बायोमेट्रिक सिस्टम काम न करना
  • परीक्षा केंद्रों का आवंटन सही से न होना

छात्रों का मानना है कि इन समस्याओं की जड़ एसएससी द्वारा हाल ही में बदला गया परीक्षा वेंडर है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि नए वेंडर का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है और वह इतनी बड़ी परीक्षा प्रक्रिया को संभालने में सक्षम नहीं है। इससे आगामी SSC CGL 2025 जैसी बड़ी परीक्षाओं (जिसमें करीब 30 लाख उम्मीदवार शामिल होंगे) को लेकर भी गंभीर शंका खड़ी हो गई है।

'Delhi Chalo' आंदोलन

दिल्ली के जंतर मंतर और सीजीओ कॉम्प्लेक्स पर छात्रों और लोकप्रिय शिक्षकों ने "Delhi Chalo" अभियान के तहत बड़ी संख्या में प्रदर्शन किया। इस दौरान कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी शिकायतें उठाने पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा।

कई वायरल वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें चुप कराने की कोशिश की गई। इन घटनाओं से सोशल मीडिया पर गुस्सा और भड़का। लोकप्रिय शिक्षिका नीतू सिंह ने भी दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होकर छात्रों का समर्थन किया।

सोशल मीडिया बना संघर्ष का मैदान

एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म अब SSC अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़े माध्यम बन गए हैं, जहां वे अपनी आपबीती साझा कर रहे हैं, विरोध प्रदर्शन को समन्वित कर रहे हैं और एसएससी से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

स्वतंत्र जांच की मांग

छात्रों और शिक्षकों की मांग है कि हालिया परीक्षा प्रक्रिया की एक स्वतंत्र जांच हो, वर्तमान परीक्षा वेंडर के अनुबंध की समीक्षा की जाए या उसे रद्द किया जाए। साथ ही, वे ऐसी प्रणालीगत सुधार की मांग कर रहे हैं जिससे भविष्य में भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी और त्रुटिहीन ढंग से आयोजित हो सकें।

अब आगे क्या?

इस समय अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग है - जवाबदेही। उनका मानना है कि अगर इस बार इन गड़बड़ियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी SSC परीक्षाओं - जैसे इनकम टैक्स विभाग की भर्ती और CGL Tier 1 की विश्वसनीयता पर भी गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।

जो आंदोलन कुछ छात्रों की शिकायतों से शुरू हुआ था, वह अब देशभर के लाखों छात्रों की आवाज बन चुका है। जब तक ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जाते, यह आंदोलन और तेज हो सकता है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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