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SSC Updates: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे दिव्यांग छात्रों के लिए जरूरी सूचना! SSC ने इन नियमों में किया बदलाव

SSC Updates: एसएससी ने बदलाव करते हुए अब फॉर्म 5 एकल विकलांगता वाले उम्मीदवार इस्तेमाल कर सकेंगे जबकि फॉर्म 6 बहुविकलांगता वाले अभ्यर्थियों के लिए होगा। आयोग ने ये भी स्पष्ट किया है कि 16 अक्तूबर 2024 के बाद जारी भर्ती अधिसूचनाओं से संबंधित परीक्षाओं के लिए उम्मीदवार चाहे तो नया या फिर पुराना फॉर्मेट इस्तेमाल कर सकते हैं।

SSC Updates

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SSC Updates 2026: सरकारी नौकरी का सपना देख रहे लाखों दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने अपने नियमों में बड़े बदलाव किये हैं। एसएससी ने अब दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी किए नए फॉर्मेट को लागू कर दिया है। अब फॉर्म 5 एकल विकलांगता वाले उम्मीदवार इस्तेमाल कर सकेंगे जबकि फॉर्म 6 बहुविकलांगता वाले अभ्यर्थियों के लिए होगा। आयोग ने ये भी स्पष्ट किया है कि 16 अक्तूबर 2024 के बाद जारी भर्ती अधिसूचनाओं से संबंधित परीक्षाओं के लिए उम्मीदवार चाहे तो नया या फिर पुराना फॉर्मेट इस्तेमाल कर सकते हैं।

एसएससी ने किये बड़े बदलाव (SSC Updates for Disabled Students)

कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) के नवीनतम दिशानिर्देशों के अनुसार दिव्यांगजन प्रमाणपत्रों के प्रारूप में संशोधन किया है। अब नए नियमों के अनुसार पहले के तीन फॉर्म के बजाय दो फॉर्म शामिल किए गए हैं, जिससे लाखों उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सरल हो गई है। नए अपडेट में अब फॉर्म 5 का उपयोग केवल एक दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों के लिए किया जाएगा, जबकि फॉर्म 6 को एक से ज्यादा दिव्यांगता वाले उम्मीदवारों के लिए तय किया गया है।

DEPwD के दिशानिर्देश हुए शुरू (DEPwD Guidelines)

एसएससी ने नियमों में ये बदलाव दिव्यांग उम्मीदवारों की सुविधा के लिए किए हैं। आयोग ने Own Scribe यानी कि स्वयं के स्क्राइब लाने की सुविधा को फिर से बहाल कर दिया है। 31 दिसंबर तक ये सुविधा सभी परीक्षाओं में लागू होगी और DEPwD से प्राप्त नए दिशानिर्देशों के आधार पर इसे फिर से शुरू किया गया है।

हालांकि एसएससी ने इस बार स्क्राइब को लेकर सख्त आयु मानक तय किए हैं। मैट्रिक और इंटर स्तर की परीक्षाओं में स्क्राइब की आयु 20 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए जबकि ग्रेजुएट लेवल की परीक्षाओं के लिए ये सीमा 22 रखी गई है। इसके साथ ही आयोग ने स्क्राइब की पहचान वेरिफिकएशन को सख्त बनाते हुए आधार आधारित वेरिफिकेशन को जरूरी कर दिया है। इसका साफ मतलब है कि परीक्षा केंद्र पर स्क्राइब को अपना आधार वेरिफिकेशन जरूरी रूप से पूरा करना होगा।

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कुसुम भट्ट
कुसुम भट्ट Author

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्... और देखें

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