RRB Exam 2026 : मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में बीते दिनों हुए बवाल के बाद अब रेलवे ने भी सबक सीख लिया है। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसला लिया है कि भविष्य में होने वाली सभी रेलवे भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के लिए अब आउटसोर्सिंग यानी कि बाहरी कमर्शियल एजेंसियों पर निर्भरता को पूरी तरह से खत्म कर लिया जाएगा। रेलवे अब खुद का स्वतंत्र परीक्षा तंत्र बनाने जा रहा है। रेलवे की तरफ से पारदर्शी और अच्छी तरह एग्जाम करवाने के लिए ये सबसे बड़ी योजना है।
बड़ी भर्ती परीक्षाएं करवाता है रेलवे
भारतीय रेल दुनिया की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाएं करवाता है। इसमें ग्रुप डी, एनटीपीसी और तकनीकी पदों पर भर्ती होती है। इन परीक्षाओं में करोड़ों छात्र आवेदन करते हैं। वर्तमान में इन एग्जाम को करवाने के लिए प्राइवेट टेक कंपनियों के सॉफ्टवेयर और क्लाइड सर्वर्स की मदद ली जाती है लेकिन इन सिस्टम्स को हैक करने का हमेशा खतरा बना रहता है।
रेल मंत्री की सबसे बड़ी योजना
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की तरफ से ये सबसे बड़ी योजना है। अब परीक्षाओं के प्रश्नपत्र किसी भी कमर्शियल इंटरनेट, गूगल क्लाउड या फिर प्राइवेट सर्वर पर अपलोड नहीं होंगे। रेलवे अपने खुद के खास तकनीकी नेटवर्क सिस्टम का इस्तेमाल करेगा।
रेलवे बनाए स्वायत्त विंग
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पूरे सिस्टम को अच्छी तरह संचालित करने के लिए विभाग के अंदर की पूरी तरह से स्वायत्त संचालन विंग बनाया जा रहा है। ये सिर्फ रेलवे के खाली पदों को भरने के लिए काम करेगा। बता दें कि अभी तक परीक्षाओं के लिए जिन प्राइवेट सेंटर्स को किराए पर लिया जाता था, उनकी जगह रेलवे के अपने नियंत्रण (कंट्रोल) वाले सरकारी संस्थान होंगे। यहां चेकिंग के लिए सीसीटीवी कैमरा रहेंगे ताकि कोई भी फर्जी उम्मीदवार परीक्षा में न बैठ सके।
