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RPSC News: फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट पर शिकंजा कसने की तैयारी में आरपीएससी, किया जाएगा डिजिटल वेरिफिकेशन

RPSC is planning to on take action against fake degrees and certificates: फर्जी डिग्री और दस्तावेजों के जरिए नौकरी पाने वाले गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग के आग्रह पर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों द्वारा जारी की जाने वाली डिग्री, डिप्लोमा, मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट पर अनिवार्य रूप से क्यूआर कोड अंकित किया जाएगा।

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फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट पर शिकंजा कसने की तैयारी में आरपीएससी

RPSC is planning to on take action against fake degrees and certificates: फर्जी डिग्री और दस्तावेजों के जरिए नौकरी पाने वाले गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग के आग्रह पर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों द्वारा जारी की जाने वाली डिग्री, डिप्लोमा, मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट पर अनिवार्य रूप से क्यूआर कोड अंकित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भर्ती प्रक्रियाओं के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज सामने आते हैं, जिनकी जांच में लंबा समय लगता है। इसके निवारण एवं दस्तावेजों की पुष्टि हेतु विश्वविद्यालयों द्वारा जारी दस्तावेजों में विभिन्न परिवर्तन हेतु आयोग द्वारा राज्य सरकार को सुझाव प्रेषित किए गए थे, जिनके क्रम में तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा 3 सितंबर 2025 को तथा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 26 सितंबर 2025 को राज्य के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया जा चुका है।

एक क्लिक पर सामने होगा मूल रिकार्ड

इन परिवर्तनों के फलस्वरूप भर्ती संस्थानों द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेज की पुष्टि एक क्लिक पर संबंधित विश्वविद्यालय के मूल रिकार्ड से सीधे ही की जा सकेगी। इससे भर्ती प्रक्रिया में तेजी के साथ ही दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की विसंगति को तुरंत पकडा जा सकेगा।

डिजिटल वेरिफिकेशन

डिग्री और सर्टिफिकेट पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन करते ही अभ्यर्थी का पूरा रिकॉर्ड विश्वविद्यालय के डेटाबेस से मिलान किया जा सकेगा।सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एनरोलमेंट (नामांकन) की एक मानक व्यवस्था लागू करें। अब प्रत्येक वर्ष विद्यार्थियों को वर्षवार और क्रमवार एनरोलमेंट नंबर आवंटित किए जाएंगे, जिससे रिकॉर्ड में हेराफेरी संभव नहीं होगी। यह नियम केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन और अन्य प्रमाण पत्रों पर भी लागू होगा।

भर्तियों में पारदर्शिता आएगी

आयोग सचिव ने बताया कि भर्ती परीक्षाओं के बाद दस्तावेज सत्यापन के समय कुछ अभ्यर्थी बैक डेट में बनी फर्जी डिग्रियां पेश करने का आपराधिक कृत्य करते पाये गए हैं। नई व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता, बल्कि दस्तावेजों की प्रमाणिकता डिजिटली वेरीफाइड होने से भर्ती प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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