Republic Day Essay in Hindi 2023: अगणित बलिदानों से अर्जित यह स्वतंत्रता त्याग, तेज, तप बल से रक्षित यह स्वतंत्रता प्राणों से भी प्रियतर है यह स्वतंत्रता...26 जनवरी का दिन प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का दिन है। यही वह दिन है जब संपूर्ण भारत एकता, अखंडता व संप्रभुता की डोर में (Republic Day 2023) बंधा था। आज से ठीक 74 वर्ष पूर्व गणतंत्र दिवस मनाया गया था। 26 जनवरी का दिन प्रत्येक भारतीय के लिए बेहद खास है। 26 जनवरी 1929 में लाहौर में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था, जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में एक प्रस्ताव पारित किया गया कि, यदि 26 जनवरी 1930 तक अंग्रेजी हुकुमत भारत को स्वशासन का दर्जा नहीं देती है, तो क्रांति होगी यानी भारत खुद को पूर्ण रूप से स्वतंत्र घोषित (Republic Day Essay) कर देगा। नतीजन जवाहर लाल नेहरू ने 26 जनवरी 1930 को रावी नदी के किनारे तिरंगा फहराया और भारत ने खुद को आजाद घोषित कर दिया।
वहीं अंग्रेजों के चंगुल से आजाद होने के बाद 26 जनवरी 1950 को पूर्ण रूप से संविधान लागू किया (Republic Day Essay In Hindi) गया था। हमारे मूल संविधान में कुल 395 अनुच्छेद 22 भाग एवं 8 अनुसूचियां शामिल हैं। आपको शायद ही पता होगी कि संविधान की मूल प्रति में हांथ से बनाए ढेरों चित्र शामिल हैं। इस चित्र को मशहूर चित्रकार नंदलाल बोस ने (Republic Day Speech 2023) बनाया है। चार साल के भीतर नंनदलाल बोस और उनके शिष्यों ने कुल 22 चित्र बनाए, जिसके जरिए संविधान की मूल प्रतियों को चित्रकारी से सजाया गया है। गणतंत्र दिवस में अब गिनती के दिन बाकी हैं।
इस अवसर पर स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों में तरह तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में यदि आप भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर निबंध प्रतियोगिता में भाग लेने जा रहे हैं, तो हमारे इस लेख पर एक नजर (Republic Day Speech In hindi) अवश्य डालें। नीचे दिए आसान स्टेप के माध्यम से आप अपने निबंध को सरल व दमदार बना सकते हैं। यकीन मानिए आपका निबंध पढ़ने वाले की आंखें पन्ने से हटने का नाम नहीं लेंगी और वह आपको शत प्रतिशत मार्क्स देने के लिए मजबूर हो जाएगा। ऐसे में यहां हम आपके लिए गणतंत्र दिवस के भाषण व निबंध को शानदार व दमदार बनाने का तरीका बताएंगे, जिसके जरिए आप अपने स्चीप को दमदार बना सकते हैं।
देशभक्ति कविता या शायरी से करें निबंध की शुरुआत
यदि आप चाहते हैं कि आपका निबंध पढ़ने वाली की आंखें पन्ने से हटने का नाम ना लें और वह आपको शत प्रतिशत मार्क्स देने के लिए मजबूर हो जाए, तो आप अपने निबंध की शुरुआत देशभक्ति कविता या शायरी से करें। ध्यान रहे निबंध 700 से 1000 शब्दों के बीच होना चाहिए। यदि आपको सीमित शब्दों में निबंध लिखने के लिए कहा जाता है, तो इसे सीमित शब्दों में ही लिखें। हालांकि इसके लिए आपके निबंध की क्वालिटी अन्य बच्चों की तुलना में अलग दमदार होना चाहिए, जो पढ़ने वाले को पूरे नंबर देने से रोक ना सके।
शब्दों व भाषा में नहीं होनी चाहिए कोई श्रुटि
निबंध लिखते समय ध्यान रहे शब्दों व भाषा में किसी प्रकार की कोई श्रुटि नहीं होनी चाहिए। साथ ही सैंटेंस फ्रेमिंग आपको अच्छे से आनी चाहिए। इसी के आधार पर मार्क्स निर्धारित किए जाते हैं। यहां गणतंत्र दिवस के महत्व व इतिहास का जिक्र करना ना भूलें, बिना इसके आपका निबंध अधूरा माना जाएगा।
निबंध को बनाएं सरल व दमदार
निबंध को सरल व दमदार बनाने के लिए सबसे पहले इसकी एक रूपरेखा तैयार कर लें, इसको चार से पांच भागों में विभाजित करें। इससे आपको निबंध लिखने में आसानी होगी। साथ ही पढ़ने वालों की भी दिलचस्पी बढ़ेगी। ऐसे तैयार कर सकते हैं रूपरेखा।
प्रस्तावना
- कब मनाया जाता है गणतंत्र दिवस
- गणतंत्र दिवस का महत्व
- गणतंत्र दिवस का इतिहास
- गणतंत्र दिवस उत्सव का वर्णन
कुछ इस तरह करें निबंध की शुरुआत
प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे देश में एक अलग रौनक देखने को मिलती है। यही वह दिन है जब संपूर्ण देश में संविधान लागू किया गया था। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया था। भारतीय संविधान सभी देशों का मिश्रित संविधान है, इसको बनने में करीब 2 साल 11 नहीनें 1 दिन का समय लगा था। वहीं संविधान में कुल 395 अनुच्छेद 22 भाग एवं 8 अनुसूचियां शामिल हैं। आपको शायद ही पता होगी कि संविधान की मूल प्रति में हांथ से बनाए ढेरो चित्र शामिल हैं। इस चित्र को मशहूर चित्रकार नंदलाल बोस ने बनाया था। वहीं भारत का संविधान एकमात्र लिकित संविधान है, संविधान के मूलप्रति के प्रत्येक पृष्ठ पर प्रेम बिहारी नारायण रायजादा यानी लेख का नाम लिखा हुआ है, जिन्होंने अपनी सुंदर सी राइटिंग में इसे लिखा है।
ध्यान रहे निबंध के बीच स्वंतंत्रता सेनानियों का उल्लेख करना ना भूलें, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डा. राजेंद्र प्रसाद, महात्मा गांदी और भीमराव अंबेडकर समेत अन्य लोगों का जिक्र किए बिना आपका निबंध अधूरा माना जाएगा। साथ ही ऊपर दिए बिंदुओं के आदार पर ही अपने निबंध को विभाजित करें।
