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चचा, जरा माचिस देना, गांजा जलाना है- जब आबकारी विभाग के ऑफिस पहुंच बोले स्कूली छात्र, अधिकारी रह गए देखते

केरल के इडुक्की जिले के कुछ स्कूली छात्र, जब स्कूल की ओर से टूर पर निकले, तो सबकी नजरों से बचाकर, गांजा जलाने के लिए माचिस खोजने लगे, माचिस नहीं मिली तो आबकारी विभाग के दफ्तर में गलती से घुसे और कर्मचारी से माचिस मांग बैठे।

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गांजा जलाने के लिए आबकारी विभाग के दफ्तर में घुसे स्कूली छात्र (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)

जरा सोचिए, जिस विभाग पर अवैध नशा को रोकने की जिम्मेदारी हो, उसी के दफ्तर में कुछ स्कूली लड़के घुसे और कहें कि गांजा जलाने के लिए माचिस चाहिए, तो अधिकारियों की क्या हालात हुई होगी? गांजा जलाने वाले लड़कों की क्या हालत हुई होगी, जब उन्हें पता चला होगा कि जिसे वो आम दफ्तर समझ कर घुसे थे वो आबकारी विभाग का दफ्तर है? ऐसा एक मामला केरल के इडुक्की जिले से आया है।

स्कूल से टूर पर निकले थे छात्र

कुछ स्कूली छात्र, जब स्कूल की ओर से टूर पर निकले, तो सबकी नजरों से बचाकर, गांजा जलाने के लिए माचिस खोजने लगे, माचिस नहीं मिली तो आबकारी विभाग के दफ्तर में गलती से घुसे और कर्मचारी से माचिस मांग बैठे। जिसके बाद उन्हें पकड़ लिया गया और केस दर्ज हो गया। यह घटना सोमवार को घटी, जहां त्रिशूर के एक सहायता प्राप्त स्कूल के छात्र शिक्षकों के साथ स्कूल भ्रमण के लिए पहुंचे थे। वे स्थानीय आबकारी कार्यालय में माचिस की डिब्बी लेने के लिए घुस गए, क्योंकि उन्हें लगा कि वह कोई कार्यशाला है। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने तत्काल उच्चतर माध्यमिक कक्षा के छात्रों को रंगे हाथों पकड़ लिया और उनके पास से गांजा, हशीश तेल जैसे प्रतिबंधित पदार्थ तथा अन्य सामान जब्त किए।अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित पदार्थ रखने के आरोप में दो नाबालिग छात्रों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया।

खाने के बाद लगी गांजे की तलब

उन्होंने बताया कि होटल में खाना खाने के बाद छात्रों का एक समूह गांजा युक्त बीड़ी पीने के लिए बाहर निकला। उन्हें उसे जलाने के लिये माचिस चाहिए थी। एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी ने बताया कि उन्होंने यहां आबकारी कार्यालय का पिछला हिस्सा देखा और उसे कार्यशाला समझ लिया तथा माचिस मांगी। उन्होंने बताया-‘‘जब उन्होंने अधिकारियों को अचानक देखा तो उन्हें खतरे का अहसास हुआ और वे भागने लगे लेकिन सभी पकड़े गए। जब हमने जांच की तो प्रतिबंधित पदार्थ बरामद हुए। बाकी छात्रों को उनके शिक्षकों के साथ वापस भेज दिया गया लेकिन जिन दो छात्रों के पास से प्रतिबंधित सामग्री मिली थी, उनके माता-पिता को बुलाया गया और उनके साथ उन्हें भेजा गया।’’

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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