राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने आज सुबह 10 बजे कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए है। इस वर्ष का कुल पास प्रतिशत 96.30% रहा, जिसमें साइंस स्ट्रीम में कुल पास प्रतिशत 97.52%, कॉमर्स में 93.64% है, जबकि आर्ट्स स्ट्रीम में 97.54% बच्चे पास हुए हैं। पूरे प्रदेश में कहीं मिठाई बंट रही है तो कहीं ढोल-नगाड़े बज रहे हैं। लेकिन श्रीगंगानगर जिले के रावला तहसील गांव 7 knd के एक घर इस शोर से दूर गहरी खामोशी और दुख में डूबा हुआ है। यहां एक होनहार बेटी, निकिता ने 93.88% अंक हासिल किए, लेकिन अफसोस यह है कि वह अपनी इस सफलता को देखने के लिए आज इस दुनिया में मौजूद नहीं है।

93.88% लाकर बनी टॉपर लेकिन हार गई जिंदगी की जंग
संघर्षों के बीच बुना था कामयाबी का सपना
निकिता, रावला के एक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं आर्ट्स की छात्रा थी। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। निकिता लंबे समय से हेपेटाइटिस और मधुमेह (Diabetes) जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रही थी। उनके पिता मंगल सिंह ने बताया कि पेपर के दौरान निकिता को बुखार था लेकिन उन्होंने फिर भी सभी परीक्षाएं दीं। शारीरिक पीड़ा के बावजूद निकिता के हौसले कभी नहीं डगमगाए। उन्होंने 12 फरवरी से 11 मार्च 2026 के बीच आयोजित हुई बोर्ड परीक्षाओं में हिस्सा लिया और 93.88 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
परिणाम से 10 दिन पहले थम गईं सांसें
निकिता ने पूरी मेहनत कर परीक्षा दी थी और रिजल्ट का इंतजार कर रही थी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। परिवार ने बताया कि परीक्षा के कुछ ही दिन बाद निकिता की तबियत बहुत खराब हो गई। डायबिटीज का लेवल अधिक था और परिणाम जारी होने से करीब 10 दिन पहले, यानी 20 मार्च को उनका निधन हो गया। रिजल्ट आने के बाद जिस घर में आज उनकी सफलता का जश्न मनाया जाना था, वहां मातम पसरा हुआ है। आज जब 31 मार्च को राजस्थान 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ तब परीक्षा में निकिता के नाम के आगे 93.88% अंक देख दुख में परिवार के आंखें छलक उठी। उनके माता-पिता के लिए यह पल गर्व और असहनीय दुख का एक अहसनीय संगम है। परिवार के लोगों का कहना है कि अगर निकिता आज जीवित होती तो इस उपलब्धि पर पूरे परिवार में खुशी होती।
93.88% लाकर बनी टॉपर लेकिन हार गई जिंदगी की जंग
पढ़ाई में होनहार थी निकिता
निकिता के पिता मंगल सिंह व माता चरनजीत कोर ने बताया कि उनकी बेटी पढाई में बहुत ही होनहार थी लेकिन भगवान को कुछ और मंजूर था। निकिता की दो बहने और एक भाई है। बड़ी बहन भिंदर कोर जो कि अपने ननिहाल में बीएसटीसी कर रही है तो उसकी छोटी बहन निशु ने 10वीं कक्षा पास की है और छोटा भाई अरमान सिंह ने इस वर्ष कक्षा 8वीं पास की है।
