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93.88% लाकर बनी टॉपर लेकिन हार गई जिंदगी की जंग, रिजल्ट से 10 दिन पहले निकिता का निधन

राजस्थान 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों के घरों में जश्न का माहौल है। लेकिन गंगानगर जिले के रावला में निकिता के घर में मातम पसरा हुआ है। बोर्ड परीक्षा में 93.88 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली निकिता आज जारी हुए रिजल्ट को देख नहीं सकी। नतीजे जारी होने से 10 दिन पहले ही उनका निधन हो गया।

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93.88% लाकर बनी टॉपर लेकिन हार गई जिंदगी की जंग

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने आज सुबह 10 बजे कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए है। इस वर्ष का कुल पास प्रतिशत 96.30% रहा, जिसमें साइंस स्ट्रीम में कुल पास प्रतिशत 97.52%, कॉमर्स में 93.64% है, जबकि आर्ट्स स्ट्रीम में 97.54% बच्चे पास हुए हैं। पूरे प्रदेश में कहीं मिठाई बंट रही है तो कहीं ढोल-नगाड़े बज रहे हैं। लेकिन श्रीगंगानगर जिले के रावला तहसील गांव 7 knd के एक घर इस शोर से दूर गहरी खामोशी और दुख में डूबा हुआ है। यहां एक होनहार बेटी, निकिता ने 93.88% अंक हासिल किए, लेकिन अफसोस यह है कि वह अपनी इस सफलता को देखने के लिए आज इस दुनिया में मौजूद नहीं है।

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संघर्षों के बीच बुना था कामयाबी का सपना

निकिता, रावला के एक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं आर्ट्स की छात्रा थी। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। निकिता लंबे समय से हेपेटाइटिस और मधुमेह (Diabetes) जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रही थी। उनके पिता मंगल सिंह ने बताया कि पेपर के दौरान निकिता को बुखार था लेकिन उन्होंने फिर भी सभी परीक्षाएं दीं। शारीरिक पीड़ा के बावजूद निकिता के हौसले कभी नहीं डगमगाए। उन्होंने 12 फरवरी से 11 मार्च 2026 के बीच आयोजित हुई बोर्ड परीक्षाओं में हिस्सा लिया और 93.88 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

परिणाम से 10 दिन पहले थम गईं सांसें

निकिता ने पूरी मेहनत कर परीक्षा दी थी और रिजल्ट का इंतजार कर रही थी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। परिवार ने बताया कि परीक्षा के कुछ ही दिन बाद निकिता की तबियत बहुत खराब हो गई। डायबिटीज का लेवल अधिक था और परिणाम जारी होने से करीब 10 दिन पहले, यानी 20 मार्च को उनका निधन हो गया। रिजल्ट आने के बाद जिस घर में आज उनकी सफलता का जश्न मनाया जाना था, वहां मातम पसरा हुआ है। आज जब 31 मार्च को राजस्थान 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ तब परीक्षा में निकिता के नाम के आगे 93.88% अंक देख दुख में परिवार के आंखें छलक उठी। उनके माता-पिता के लिए यह पल गर्व और असहनीय दुख का एक अहसनीय संगम है। परिवार के लोगों का कहना है कि अगर निकिता आज जीवित होती तो इस उपलब्धि पर पूरे परिवार में खुशी होती।
RBSE 12th Result Nikita

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पढ़ाई में होनहार थी निकिता

निकिता के पिता मंगल सिंह व माता चरनजीत कोर ने बताया कि उनकी बेटी पढाई में बहुत ही होनहार थी लेकिन भगवान को कुछ और मंजूर था। निकिता की दो बहने और एक भाई है। बड़ी बहन भिंदर कोर जो कि अपने ननिहाल में बीएसटीसी कर रही है तो उसकी छोटी बहन निशु ने 10वीं कक्षा पास की है और छोटा भाई अरमान सिंह ने इस वर्ष कक्षा 8वीं पास की है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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