Odisha reservation Hike for Medical/ Technical students : ओडिशा सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण को लेकर एक बेहद बड़ा और अहम फैसला लिया है। सरकार ने राज्य के मेडिकल, इंजीनियरिंग, और अन्य हायर व टेक्निकल कोर्स में पढ़ने वाले छात्रों को मिलने वाले आरक्षण को बढ़ाया गया है। इसके साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)के छात्रों के लिए भी रिजर्वेशन शुरू किया गया है। राज्य में ओबीसी को ESBC यानी सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग कहा जाता है। आरक्षण व्यवस्था में ये बड़ा बदलाव लाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नई आरक्षण नीति पशु चिकित्सा विज्ञान, आयुर्वेद, होम्योपैथी, कृषि और संबद्ध विज्ञान, वास्तुकला, योजना, सिनेमाई कला और प्रौद्योगिकी और इसी तरह के अन्य पाठ्यक्रमों पर भी लागू होगी।
SC और ST छात्रों के लिए दोगुनी हुईं आरक्षित सीटें
राज्य सरकार ने आरक्षण नीति में बड़े बदलाव किए हैं, जिसके तहत मेडिकल, इंजीनियरिंग, उच्च और तकनीकी शिक्षा पाठ्यक्रमों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या लगभग दोगुनी कर दी गई है। शनिवार देर रात कैबिनेट के एक फैसले में ओडिशा की BJP सरकार ने मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य उच्च/तकनीकी शिक्षा पाठ्यक्रमों में सीटों का आरक्षण बढ़ा दिया।इन पाठ्यक्रमों में पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए भी सीटों के आरक्षण को मंजूरी दी गई है।
अधिकारियों ने जानकारी दी है कि ST छात्रों के लिए आरक्षित सीटें 12 प्रतिशत से बढ़कर 22.50 प्रतिशत हो जाएंगी, और SC छात्रों के लिए 8 प्रतिशत से बढ़कर 16.25 प्रतिशत हो जाएंगी। एक अधिकारी ने बताया कि ये आरक्षण राज्य में उनकी जनसंख्या को देखते हुए ही दिया गया है। इसी तरह, अब सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए 11.25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी, जिन्हें पहले कोई आरक्षण नहीं मिल रहा था। SCBC छात्रों को 11.25 प्रतिशत आरक्षण देकर, आरक्षित सीटों की कुल संख्या को 50 प्रतिशत के अंदर रखा गया है।
क्या बोले मुख्यमंत्री ?
कैबिनेट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि ये आरक्षण नीति सभी राज्य विश्वविद्यालयों, उनसे संबद्ध कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों (ITI) और पॉलिटेक्निक में इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, कंप्यूटर अनुप्रयोग, चिकित्सा सर्जरी, दंत चिकित्सा, नर्सिंग, फार्मेसी और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्रों में लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई आरक्षण नीति पशु चिकित्सा विज्ञान, आयुर्वेद, होम्योपैथी, कृषि और संबद्ध विज्ञान, वास्तुकला, योजना, सिनेमाई कला और प्रौद्योगिकी और इसी तरह के अन्य पाठ्यक्रमों पर भी लागू होगी।
आरक्षण के फैसले के बाद हुए ये बदलाव
अब राज्य में स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) स्तर पर कुल 2,421 मेडिकल सीटों में से 545 सीटें ST छात्रों के लिए आरक्षित होंगी। पहले 12 प्रतिशत आरक्षण के तहत यह संख्या 290 थी। जहां SC छात्रों के लिए 8% आरक्षण के तहत 193 UG और PG सीटें तय की गई थीं, वहीं अब इसे बढ़ाकर 393 कर दिया गया है। SCBC छात्रों के लिए मेडिकल कोर्स में 272 सीटें आरक्षित होंगी। इसी तरह कुल 44,579 इंजीनियरिंग सीटों में से 10,030 सीटें ST के लिए, 7,244 SC के लिए और 5,015 सीटें SEBC छात्रों के लिए आरक्षित होंगी। मौजूदा आरक्षण नीति के अनुसार, यह संख्या ST छात्रों के लिए 5,349 और SC छात्रों के लिए 3,566 थी।
' दूरगामी होगा इस फैसले का असर '
उन्होंने कहा कि ST और SC छात्रों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या उनकी आबादी के अनुपात में बहुत कम थी और SCBC छात्रों के लिए कोई आरक्षण नहीं था, इसलिए इन समुदायों के लिए सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने में बाधाएं आ रही थीं। पिछली किसी भी सरकार ने इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया था। मुझे बेहद खुशी है कि हमने SC, ST और पिछड़े वर्गों के शैक्षिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं। BJP सूत्रों ने बताया कि इस फैसले का दूरगामी असर होगा। ये न केवल सामाजिक न्याय सुनिश्चित करेगा, बल्कि BJP को राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने में राजनीतिक रूप से भी मदद करेगा।
