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विदेश में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले हो जाएं सावधान! NMC ने जारी की जरूरी एडवाइजरी

NMC Warns Indian Students to Avoid MBBS in Abroad: एनएमसी ने जो एडवाइजरी जारी की है, उसके मुताबिक, इन संस्थानों में कथित तौर पर उनकी तय क्षमता से कहीं ज्यादा छात्रों को एडमिशन दिया जा रहा है, जिससे ट्रेनिंग की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ रहा है। ताशकंद में भारतीय दूतावास ने बताया कि इन कोर्सों का प्रचार तो इंग्लिश-मीडियम के तौर पर किया जाता है, लेकिन स्टाफ में इंग्लिश की असल जानकारी की कमी के कारण भारतीय छात्रों को जरूरी प्रैक्टिकल क्लिनिकल ट्रेनिंग नहीं मिल पा रही है।

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NMC Advisory

MBBS in Aborad: मेडिकल की पढ़ाई के इच्छुक छात्रों के लिए बेहद अहम खबर है। भारत में लाखों छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए विदेश का रुख करते हैं। इसी को लेकर अब हाल ही में एनएमसी यानी नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने एक बेहद ही जरूरी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें भारतीय छात्रों को उज्बेकिस्तान में होने वाली धोखाधड़ी और घटिया मेडिकल शिक्षा के प्रति आगाह किया गया है। ये कदम ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास द्वारा उठाए गए गंभीर चिंताओं के बाद उठाया गया है, जिसमें शिक्षा के गिरते स्तर और भर्ती एजेंटों द्वारा की जा रही गलत प्रैक्टिस का भी जिक्र किया गया था।

कौन से संस्थान कर रहे धोखाधड़ी

NMC ने खासतौर से कई प्रमुख संस्थानों का नाम लिया है, जिनमें बुखारा स्टेट मेडिकल इंस्टीट्यूट (BSMI), समरकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (SSMU), और ताशकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (TSMU) शामिल हैं।

एडवाइजरी के मुताबिक, इन संस्थानों में कथित तौर पर उनकी तय क्षमता से कहीं ज्यादा छात्रों को एडमिशन दिया जा रहा है, जिससे ट्रेनिंग की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ रहा है। ताशकंद में भारतीय दूतावास ने बताया कि इन कोर्सों का प्रचार तो इंग्लिश-मीडियम के तौर पर किया जाता है, लेकिन स्टाफ में इंग्लिश की असल जानकारी की कमी के कारण भारतीय छात्रों को जरूरी प्रैक्टिकल क्लिनिकल ट्रेनिंग नहीं मिल पा रही है।

एनएमसी (NMC) ने दी चेतावनी

एक नोटिस में NMC ने बेंगलुरु के TIT Institute of Medical Sciences को भी चेतावनी दी है। ये संस्थान TSMU Termez Branch (उज्बेकिस्तान) के ऑफशोर कैंपस के तौर पर काम कर रहा था। NMC के मुताबिक इस तरह का मॉडल भारत के रेगुलेटरी नियमों का उल्लंघन है। NMC ने फिर दोहराया कि जो भी छात्र Foreign Medical Graduate Licentiate (FMGL) Regulations 2021 का पालन नहीं करेगा, उसे भारत में मेडिकल प्रैक्टिस करने के लिए अयोग्य माना जाएगा।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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