लंदन: चेक गणराज्य की 21 वर्षीय लिंडा नोस्कोवा ने विम्बलडन में अपनी पहली ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी जीतकर देश की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया। चेक गणराज्य के खिलाड़ियों के बीच हुए फाइनल में नोस्कोवा ने दूसरे सेट में पांच मैच प्वाइंट गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए कैरोलिना मुचोवा को 6-2, 5-7, 6-3 से हराया। नोस्कोवा विम्बलडन के महिला एकल खिताब पर कब्जा जमाने वाली पिछले चार वर्षों में अपने देश की तीसरी खिलाड़ी बन गई हैं। उनसे पहले मार्केता वोंद्रौशोवा ने 2023 और बारबोरा क्रेजसिकोवा ने 2024 में यह उपलब्धि हासिल की थी।लिंडा नोस्कोवा साल 2011 के बाद विंबलडन का महिला एकल खिताब जीतने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनी हैं। उन्होंने ये उपलब्धि 21 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की है। वहीं साल 2011 में पेट्रा क्विटोवा ने 21 साल 116 दिन की उम्र में विबंडलन चैंपियन बनी थीं।
दूसरे सेट में मुचोवा ने की शानदार वापसी
नोस्कोवा ने फाइनल में शुरुआत से दबदबा बनाते हुए पहला सेट आसानी से अपने नाम। दूसरे सेट में वह जीत के करीब पहुंच गई थीं, लेकिन मुचोवा ने हार नहीं मानी और पांच मैच प्वाइंट बचाते हुए मुकाबले को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया। नोस्कोवा ने तीसरे सेट में धैर्य बनाए रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
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पेरिस ओलंपिक में मुचोवा और नोस्कोवा थीं जोड़ीदार
दिलचस्प बात यह है कि मुचोवा और नोस्कोवा ने 2024 पेरिस ओलंपिक में जोड़ी बनाकर महिला युगल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। जहां यह जोड़ी सेमीफाइनल तक पहुंची थी। पुरुष एकल फाइनल में रविवार को विश्व के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर अपने खिताब का बचाव करने उतरेंगे। उनका मुकाबला फ्रेंच ओपन चैंपियन अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा।
