केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज 28 मई को बड़ा बयान देते हुए कहा कि 21 जून को होने वाली NEET UG री-एग्जाम के लिए पेपर के सुरक्षित परिवहन में अब भारतीय वायु सेना (IAF) की मदद ली जाएगी। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और पेपर लीक से मुक्त बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। एक मीडिया चैनल से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षाओं को निष्पक्ष और बिना किसी बाधा के आयोजित कराने के लिए “Whole-of-Government Approach” यानी सभी सरकारी विभागों के सहयोग वाली व्यवस्था अपना रही है। इसके तहत डाक विभाग, गृह मंत्रालय, राज्य सरकारें और अब भारतीय वायु सेना भी शामिल होगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बताया कि पहले प्रश्न पत्रों को पहुंचाने का काम मुख्य रूप से डाक विभाग के जरिए किया जाता था, लेकिन अब सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को और मजबूत बनाने के लिए एयर फोर्स को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। खासतौर पर जून महीने में खराब मौसम और लंबी दूरी जैसी चुनौतियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

NEET UG Re Exam 2026
हर स्तर पर बरती जा रही अतिरिक्त सावधानी
सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पेपर समय पर और पूरी सुरक्षा के साथ परीक्षा केंद्रों तक पहुंचें। इसके लिए हर स्तर पर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक भी हुई। बैठक में परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर चर्चा की गई। मीडिया रिपोर्टस की मानें तो, इसी बैठक में प्रश्न पत्रों के सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन के लिए भारतीय वायु सेना की मदद लेने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
सरकार ने साफ किया है कि NEET UG Re Exam 2026 को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि छात्रों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।
