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भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में परिजनों और ग्रामीणों ने न्यायिक जांच आयोग के सामने दर्ज कराए बयान, न्याय की मांग

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने बताया, 'आयोग ने उन्हें जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है और दोषियों के खिलाफ कदम उठाने की बात कही है।'

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भरत तिवारी (फाइल फोटो)

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में गठित न्यायिक जांच आयोग के सामने बुधवार को परिजनों और ग्रामीणों ने अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी और विस्थापित गांव की रहने वाली ललिता देवी ने आयोग के समक्ष घटना से जुड़ी जानकारी साझा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि उन्होंने न्यायिक जांच आयोग को पूरी घटना के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने दावा किया, 'भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण किया था, लेकिन फिर भी उन्हें आगे ले जाकर गोली मार दी गई। आयोग के साथ करीब 30 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने घटना के सभी पहलुओं को रखा।'

चंदन तिवारी ने बताया, 'आयोग ने उन्हें जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है और दोषियों के खिलाफ कदम उठाने की बात कही है। हमारी मांग है कि मामले में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक मैं पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो सकता।'

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली जाने के दौरान उनसे कोई नेता या अधिकारी मिलने नहीं आया। चंदन तिवारी ने कहा, 'उन्हें बिहार सरकार से न्याय की उम्मीद कम है, लेकिन भारत सरकार से उन्हें न्याय की उम्मीद है। मेरा परिवार चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।' वहीं, गांव की महिला ललिता देवी ने भी न्यायिक जांच आयोग के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उन्होंने आयोग को घटना के बारे में बताया और न्याय की मांग की। ललिता देवी ने दावा किया कि उन्होंने अपनी आंखों से देखा कि पुलिस ने भरत तिवारी को गोली मारी।

'घटना के दौरान भरत तिवारी ने कुछ मांगें रखी थीं'

ललिता देवी के अनुसार, घटना के दौरान भरत तिवारी ने कुछ मांगें रखी थीं और जब एक अधिकारी ने उन्हें पूरा करने की बात कही तो उन्होंने अपनी पिस्तौल फेंक दी थी। इसके बाद भी पुलिस ने कथित रूप से उनकी पिस्तौल उठाकर उन्हें तीन गोलियां मार दीं। उन्होंने दावा किया कि गोली लगने के बाद भी भरत तिवारी ने नारे लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद प्रशासन ने गुस्से में भरत तिवारी को गाड़ी में धकेल दिया। ललिता देवी ने कहा कि भरत तिवारी ने गांव के लिए कई काम किए थे और स्थानीय लोगों के बीच उनकी अलग पहचान थी।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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