दुनिया

पहली अंतरिक्ष उड़ान पर निकले भारतीय मूल के अनिल मेनन, आठ महीने तक ISS पर करेंगे वैज्ञानिक प्रयोग

49 वर्षीय अनिल मेनन की यह पहली अंतरिक्ष यात्रा है। उनके साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना भी मिशन पर गए हैं। दोनों रूसी अंतरिक्ष यात्री इससे पहले भी अंतरिक्ष मिशनों में हिस्सा ले चुके हैं। आईएसएस पहुंचने के बाद यह दल वहां पहले से मौजूद नासा,यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और रूस के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ मिलकर काम करेगा।

Image

अन्ना किकिना (सबसे ऊपर), नासा के एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन (बीच में) और रोस्कोस्मोस कॉस्मोनॉट प्योत्र दुब्रोव (सबसे नीचे) हाथ हिलाकर विदाई देते हुए (फोटो- ap)

भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और दो रूसी अंतरिक्ष यात्री प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए अपनी आठ महीने लंबी अंतरिक्ष यात्रा के लिए रवाना हो गए। तीनों अंतरिक्ष यात्री सोयूज एमएस-29 अंतरिक्ष यान के जरिए कजाकिस्तान स्थित बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से रवाना हुए। भारतीय समयानुसार रात 8:17 बजे प्रक्षेपित हुआ यह यान करीब तीन घंटे की यात्रा और पृथ्वी के दो चक्कर लगाने के बाद रात 11:56 बजे आईएसएस के प्रिचाल मॉड्यूल से स्वत: जुड़ने वाला है।

अनिल मेनन की पहली अंतरिक्ष यात्रा

नासा के अनुसार, 49 वर्षीय अनिल मेनन की यह पहली अंतरिक्ष यात्रा है। उनके साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना भी मिशन पर गए हैं। दोनों रूसी अंतरिक्ष यात्री इससे पहले भी अंतरिक्ष मिशनों में हिस्सा ले चुके हैं। आईएसएस पहुंचने के बाद यह दल वहां पहले से मौजूद नासा,यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और रूस के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ मिलकर काम करेगा।

अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर लौटने की योजना

नासा के अधिकारियों ने बताया कि अनिल मेनन, प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना का यह मिशन लगभग आठ महीने का होगा। तीनों अंतरिक्ष यात्रियों की पृथ्वी पर वापसी अप्रैल 2027 में निर्धारित है। मिशन के दौरान वे वैज्ञानिक अनुसंधान, नई तकनीकों के परीक्षण और मानव अंतरिक्ष अन्वेषण से जुड़े प्रयोगों में हिस्सा लेंगे। इन प्रयोगों का उद्देश्य भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को बेहतर बनाना और पृथ्वी पर उपयोगी तकनीकों का विकास करना है।

अंतरिक्ष में पहुंचेंगी भारतीय बच्चों की चित्रकृतियां

रूस की अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहयोग एजेंसी रोससोट्रुडनिचेस्ट्वो के अनुसार, इस मिशन के साथ भारतीय स्कूली बच्चों द्वारा बनाई गई चित्रकृतियां भी अंतरिक्ष में भेजी जा रही हैं। यह पहल भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक सहयोग का प्रतीक मानी जा रही है।

कौन हैं अनिल मेनन?

अनिल मेनन का जन्म अमेरिका के मिनियापोलिस में हुआ था। वे यूक्रेनी और भारतीय मूल के प्रवासी माता-पिता की संतान हैं। वह पेशे से इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ हैं और अमेरिकी स्पेस फोर्स में कर्नल के पद पर कार्यरत हैं। अमेरिकी वायुसेना में सेवा के दौरान उन्होंने अफगानिस्तान में ‘ऑपरेशन एंड्यूरिंग फ्रीडम’ के तहत अग्रिम मोर्चे पर काम किया। इसके अलावा उन्होंने हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन के साथ मिलकर माउंट एवरेस्ट क्षेत्र में पर्वतारोहियों को चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई।

भारत से रहा है गहरा जुड़ाव

अनिल मेनन ने रोटरी एम्बेसडोरियल स्कॉलर के रूप में भारत में एक वर्ष बिताया था। इस दौरान उन्होंने पोलियो टीकाकरण अभियान का अध्ययन किया और उसमें सहयोग भी दिया। उन्होंने 2014 में नासा में फ्लाइट सर्जन के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद दिसंबर 2021 में उन्हें नासा के अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रम के लिए चुना गया और उन्होंने दो वर्ष का प्रशिक्षण पूरा किया।

परिवार का भी अंतरिक्ष से गहरा रिश्ता

अनिल मेनन की पत्नी अन्ना विल्हेम भी अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने सितंबर 2024 में स्पेसएक्स के निजी मानव अंतरिक्ष मिशन ‘पोलारिस डॉन’ के तहत अंतरिक्ष की यात्रा की थी। मिशन के प्रक्षेपण के समय अन्ना विल्हेम, मेनन के परिवार के सदस्य और नासा के प्रशासक जेरेड आइज़ैकमैन बैकोनूर कॉस्मोड्रोम में मौजूद थे।

केरल में खुशी और गर्व का माहौल

अनिल मेनन का पैतृक संबंध केरल के पलक्कड़ जिले के ओट्टापलम क्षेत्र से है। उनकी उपलब्धि पर केरल में खुशी और गर्व का माहौल है। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें ऐतिहासिक मिशन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अनिल मेनन की उपलब्धि राज्य और देश दोनों के लिए गर्व का विषय है। अनिल मेनन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और स्वतंत्रता सेनानी सर सी. शंकरन नायर के परपोते भी हैं, जिससे उनका नाम भारतीय इतिहास और विरासत से भी जुड़ जाता है।

Shiv Shukla
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!