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EXPLAINED: नीट यूजी री-एग्जाम से टेंशन में टॉपर्स, एक्सपर्ट ने बताया एग्जाम क्रैक करने का फॉर्मूला

NEET UG Re-Exam 2026: नीट यूजी री-एग्जाम 21 जून को होगा। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन टीम से शिक्षा विशेषज्ञ ने बातचीत में बताया कि इस परीक्षा से किन छात्रों को फायदा होगा, और किसके लिए बढ़ेंगी मुश्किलें

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नीट यूजी री-एग्जाम से टेंशन में टॉपर्स, एक्सपर्ट ने बताया एग्जाम क्रैक करने का फॉर्मूला (image - chatgpt)
Authored by: Neelaksh Singh
Updated May 16, 2026, 13:53 IST
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EXPLAINED NEET UG Re-Exam 2026: नीट यूजी परीक्षा रद्द होने और री-एग्जाम की घोषणा के बाद लाखों छात्रों के मन में एक ही सवाल है: आखिर दोबारा परीक्षा में क्या बदलाव होंगे? इस बार किन बातों का ध्यान रखना होगा, किन छात्रों को होगा फायदा और किसके लिए यह मुश्किलें बढ़ा सकता है? बता दें, ये मेडिकल प्रवेश परीक्षा है जो देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में मानी जाती है और इसमें एक-एक नंबर रैंक बदल सकता है, जिससे आपका करियर प्रभावित हो सकता है, आपको किस कॉलेज में एडमिशन मिलेगा इस बारे में बता सकता है, ऐसे में NEET UG Re Exam 2026 को एक बार फिर से गंभीरता से लेने की जरूरत है। इसीलिए टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन टीम ने शिक्षा विशेषज्ञ से बात की, इसे हर उस छात्र को जरूर पढ़ना चाहिए, जो NEET UG 2026 Re Exam में भाग लेने वाला है।

NEET UG Re-Exam 2026 का असर हर छात्र पर अलग तरीके से पड़ सकता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इस फैसले से किन छात्रों को राहत मिल सकती है और किन्हें नुकसान का डर सता रहा है।

NTA kya hai

NTA kya hai

20 वर्षों से IIT, NEET और बोर्ड परीक्षा के छात्रों को कोचिंग दे रहे अमित दीक्षित (M-tech, IIT-DELHI/GATE- AIR 1) ने टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत करते हुए बताया कि नीट यूजी उम्मीदवारों/ छात्रों को तीन कैटेगरी में बाटा जा सकता है:

  • पहला: जो योग्य थे लेकिन पेपर खराब गया
  • दूसरा: जो योग्य थे और जिनका पेपर बहुत अच्छा गया
  • तीसरा: जो योग्य नहीं थे बस ट्राई कर रहे थे

किन छात्रों को होगा फायदा?

1. जो योग्य थे लेकिन पेपर खराब गया

शिक्षा विशेषज्ञ अमित दीक्षित से हुई बातचीत में पता चला कि कई छात्र ऐसे होते हैं जो योग्य होते हैं, लेकिन परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे दबाव, घबराहट या समय प्रबंधन में कमी इत्यादि।

ऐसे में छात्रों के लिए री-एग्जाम किसी वरदान से कम नहीं होगा। इस बार ऐसे छात्रों के पास अपनी गलतियां सुधारने और बेहतर तैयारी के साथ दोबारा परीक्षा देने का असवर होगा।

कई बार देखा गया है कि ऐसे योग्य छात्र अपने दूसरे अटेम्प्ट में शानदार प्रदर्शन करते हैं।

2. जो योग्य थे और पेपर अच्छा गया

शिक्षा विशेषज्ञ अमित दीक्षित ने बताया कि जो छात्र योग्य हैं, और जिनका पेपर बहुत अच्छा गया था, वे कहीं न कहीं निराश हो सकते हैं, जबकि उन्हें अपनी काबिलियत पर भरोसा रखने की जरूरत है। इस री एग्जाम को एक फ्रेश एग्जाम समझें, और अपनी तैयारी को दुरुस्त रखें।

ये समय आगे देखने और बढ़ने का है। पीछे क्या हुआ, कैसे हुआ ये बातें एक टॉपर को डिस्टर्ब कर सकती हैं, ऐसे में एक बार फिर खुद को दिखाने की जरूरत है हमारी तैयारी जैसी थी, इस बार भी वैसी ही रहेगी।

3: जो योग्य नहीं थे बस ट्राई कर रहे थे

शिक्षा विशेषज्ञ अमित दीक्षित ने बताया कि 100 प्रतिशत छात्र परीक्षा को लेकर सीरियस हो ऐसा जरूरी नहीं होता है, वे या तो फॉर्म भरकर सिर्फ एक ट्राई मार रहे होते हैं, या किस्मत के भरोसे परीक्षा देने आ जाते हैं, ऐसे लोगों का रिजल्ट मनमुताबिक नहीं आता है।

लेकिन यहां सकारात्मक बात यह है कि वे इस इस परीक्षा के जरिये अनुभव ले सकते हैं, परीक्षा का असली माहौल समझ सकते हैं, खुद को परख सकते हैं, विश्लेषण कर सकते हैं, और सबसे बड़ी बात अगर नीट परीक्षा को पास करना लक्ष्य है तो रणनीति बनाकर अगली बार पूरा जोर लगा सकते हैं।

NEET ug 2026

NEET ug 2026

इसके अलावा शिक्षा विशेषज्ञ ने कुछ और बातें भी बताईं, जो छात्रों का नजरिया बदल सकती हैं।

ड्रॉपर छात्रों को मिल सकता है बड़ा फायदा

Re-exam को मानसिक प्रेशर नहीं समझना चाहिए और विद्यार्थी जीवन में परीक्षा देने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। Re-exam के कई बार लोगों को बड़ा फायदा भी होता है, जैसे

वो छात्र जो काबिल हैं, लेकिन किसी वजह से परीक्षा देने नहीं पहुंच पाए थे

वे छात्र जिन्हें परीक्षा हॉल पहुंचने में कुछ देर हुई और उन्हें एग्जाम हॉल में एंट्री नहीं दी गई

किन छात्रों को हो सकता है परेशानी?

1. जिनका पहला एग्जाम बहुत अच्छा गया था

सबसे ज्यादा चिंता उन छात्रों को है जिनका पेपर शानदार हुआ था। ऐसे छात्रों को डर है कि री-एग्जाम में प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है, जिससे उनकी रैंक प्रभावित हो सकती है।

2. मानसिक दबाव और तनाव बढ़ेगा

लंबे समय तक तैयारी और फिर परीक्षा रद्द होने से कई छात्र मानसिक रूप से थक चुके हैं। अब दोबारा तैयारी करना उनके लिए तनावपूर्ण हो सकता है। लगातार पढ़ाई और अनिश्चितता से फोकस प्रभावित होने का खतरा रहता है।

3. आर्थिक बोझ

दूसरे शहरों में परीक्षा देने वाले छात्रों और उनके परिवारों पर री-एग्जाम का अतिरिक्त खर्च पड़ सकता है। यात्रा, होटल और कोचिंग जैसी चीजों पर दोबारा पैसा खर्च करना कई परिवारों के लिए चुनौती बन सकता है।

4. तैयारी की लय बिगड़ने का खतरा

कुछ छात्रों ने पहली परीक्षा के बाद पढ़ाई लगभग बंद कर दी थी। अब अचानक दोबारा तैयारी शुरू करना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। इससे प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।

NEET paper Leak

NEET paper Leak

छात्रों को क्या करना चाहिए?

  • पुरानी गलतियों का विश्लेषण करें
  • तैयारी को और दुरुस्त करने के उपाय सोचें, क्योंकि इस बार प्रतियोगिता पहले से बढ़ सकती है।
  • रोजाना मॉक टेस्ट दें।
  • सोशल मीडिया अफवाहों से दूर रहें।
  • मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें।

शिक्ष विशेषण ने बताया कि NEET री-एग्जाम सिर्फ एक नई परीक्षा नहीं होगी, बल्कि यह लाखों छात्रों के भरोसे और मेहनत से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी परीक्षा एजेंसियों की है कि वे निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित करें, ताकि छात्रों का विश्वास दोबारा कायम हो सके।

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