NEET UG 2024 News in Hindi: NEET UG 2024 Controversy रुकने का नाम नहीं ले रही है। सुप्रीम कोर्ट में लगभग हर दिन NEET परीक्षा को रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं की कतार लग रही है। (NEET UG News Today) आज मोशन एजुकेशन के सीईओ नितिन विजय द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होनी थी, NEET UG News Today Latest News यह है कि सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को स्पष्ट कर दिया कि वह नहीं चाहता कि स्नातक राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2024 के आयोजन में किसी की ओर से भी .001% की भी लापरवाही हो और यदि ऐसा हुआ तो उचित कदम जरूर लिए जाएंगे।
एनटीए द्वारा 5 मई को 571 शहरों (विदेशी 14 शहरों सहित) के 4750 केंद्रों पर 24 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए नीट (यूजी) परीक्षा आयोजित की गई थी।
NEET UG News Supreme Court
क्या कहा न्यायमूर्ति ने
न्यायमूर्ति भट्टी ने एनटीए और केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अधिवक्ता कनु अग्रवाल को संबोधित करते हुए कहा, "आपको (एनटीए) दृढ़ रहना चाहिए। अगर कोई गलती है, तो कहें 'हां, गलती हुई है। हम यही कार्रवाई करने जा रहे हैं।' कम से कम इससे आपके प्रदर्शन पर भरोसा बढ़ेगा।" न्यायमूर्ति नाथ ने अपने साथी न्यायाधीश से सहमति जताते हुए मौखिक रूप से टिप्पणी की कि एनईईटी पर आरोप "बहुत गंभीर" हैं। न्यायमूर्ति भट्टी ने केंद्र और एनटीए से कहा कि उन्हें एनईईटी उम्मीदवारों और शिक्षाविदों द्वारा दायर याचिकाओं को विरोधात्मक नहीं मानना चाहिए।
धोखाधड़ी करने वाला डॉक्टर होगा हानिकारक
न्यायमूर्ति भट्टी ने सरकार और एनईईटी एजेंसी को बताया, "कल्पना कीजिए कि एक व्यक्ति जिसने सिस्टम के साथ धोखाधड़ी की है, वह डॉक्टर बन जाता है। यह समाज के लिए हानिकारक होगा।"
न्यायमूर्ति भट्टी ने लाखों बच्चों द्वारा NEET परीक्षा की तैयारी के लिए की गई ईमानदार कोशिशों पर प्रकाश डाला। धोखाधड़ी ने ईमानदार प्रयास और महत्वाकांक्षा को विफल कर दिया। न्यायमूर्ति भट्टी ने जोर देकर कहा, "हम सभी जानते हैं कि बच्चे कितनी मेहनत करते हैं, खासकर इस परीक्षा के लिए।"
इससे जुड़ी पहले भी याचिकाएं आ चुकी हैं, दोनो याचिकाओं को पिछली याचिकाओं के साथ जोड़ा गया है। बता दें, जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच सुनवाई की।
क्या कहना है नितिन विजय का
याचिकाकर्ता नितिन विजय (Motion Education CEO) का कहना है कि 20 हजार छात्रों ने नीट एक्जाम में गड़बड़ी को लेकर चलाए जा रहे डिजिटल सत्याग्रह के तहत अपनी शिकायत दी है। याचिका में पेपर लीक और गड़बड़ी का हवाला देते हुए पूरी परीक्षा रद्द कर नए सिरे से परीक्षा किये जाने की मांग की गई। उन्होंने कहा यदि सभी के लिए NEET UG Re Exam नहीं कराया गया, तो 24 लाख छात्रों के लिए यह अन्याय होगा, , और भविष्य में योग्य डॉक्टर नहीं मिल पाएंगे।
