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NEET एग्जाम कैंसिल होने के बाद तैयारी कैसी रखें छात्र, कितने दिनों में करें re-exam की तैयारी ?

नीट यूजी पेपर रद्द होने के बाद छात्रों पर मानसिक तनाव काफी बढ़ गया है। हालांकि री एग्जाम होने तक उन्हें घबराने या फिर परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है। ऐसे में सवाल यही है कि कैसे छात्र अपनी तैयारी को जारी रखें और री एग्जामिनेशन के लिए खुद को मेंटली कैसे प्रीपेयर करें।

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NEET UG Exam 2026

How to Prepare for NEET UG Re Exam 2026 : NEET-UG पेपर लीक मामले के बाद परीक्षा रद्द होने से देशभर के लाखों छात्र तनाव में हैं। एनटीए (National testing Agency) ने परीक्षा को दोबारा कराने का फैसला लिया है और नई तारीखों के घोषित होने की बात कही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तकरीबन 22 लाख से भी ज्यादा छात्र इस परीक्षा के रद्द होने से प्रभावित हुए हैं और अब इस पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है। ऐसे में सवाल यही है कि कैसे छात्र अपनी तैयारी को जारी रखें और री एग्जामिनेशन के लिए खुद को मेंटली कैसे प्रीपेयर करें। चलिये जानते हैं इस लेख में कि छात्र अपने आप को कैसे दोबारा एग्जाम के लिए तैयार कर सकते हैं।

क्या बोले NTA महानिदेशक ?

नीट यूजी पेपर रद्द करने को लेकर एनटीए ने साफ कहा था कि मौजूदा हालातों में परीक्षा को आगे बढ़ाना संभव नहीं था। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने पेपर लीक पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस गड़बड़ी में शामिल कोई भी शख्स नहीं बचेगा। चाहे फिर वो कोई अंदर का हो या बाहर का। जो भी इसमें शामिल है, सीबीआई से आग्रह करते हैं कि उसे गिरफ्तार किया जाए और सख्त सजा दी जाए ताकि इस तरह की घटनाएं खत्म हो सकें।

22 लाख से ज्यादा छात्र परेशान

पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबरों ने सबसे ज्यादा परेशान उन 22 लाख से भी ज्यादा छात्रों को किया है, जिन्होंने इस कठिन परीक्षा के लिए दिन-रात एक किया और फिर एग्जाम दिया। अब पेपर रद्द होने के बाद ये छात्र बेहद परेशान हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि कई कोचिंग इंस्टीट्यूट्स और एक्सपर्ट्स छात्रों को 30 दिन की रीस्टार्ट स्ट्रैटेजी अपनाने की सलाह देते हैं, जिसमें हर दिन फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बायोलॉजी का बैलेंस रिवीजन शामिल हो।

रोज कम से कम इतने MCQs करें हल

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि छात्रों को सबसे पहले NCERT आधारित Topics पर दोबारा पकड़ मजबूत करनी चाहिए। रोज कम से कम 100-150 MCQs हल करना, पुराने Mock test दोहराना और Weak Topics का Short Notes Revision करना काफी मददगार हो सकता है। लगातार नए चैप्टर्स शुरू करने की बजाय वही टॉपिक्स रिवीजन करना बेहतर होगा जो पहले ही पढ़े जा चुके हैं। इससे कॉन्फिडेंस भी बना रहता है और एक्यूरेसी भी बढ़ती है।

अफवाहों से दूर रहें छात्र

मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि छात्रों को सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों और लगातार नेगेटिव न्यूज से दूर रहना चाहिए। कई छात्र इस बात को लेकर परेशान हैं कि वे दोबारा पहले जैसे मार्क्स ला पाएंगे भी या फिर नहीं। पेपर रद्द होने के बाद छात्रों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने दो साल से मेहनत की थी और अब उनपर मानसिक दबाव काफी बढ़ गया है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे पूरे सिलेबस का रिवीजन करें और फिर मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस पेपर को ज्यादा से ज्यादा हल करें।

इस बीच एनटीए ने भी साफ किया है कि छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत नहीं है और न ही कोई एक्स्ट्रा फीस ली जाएगी। इससे पहले जमा हुई फीस भी वापस की जाएगी। इसके साथ ही जिन छात्रों ने 3 मई 2026 को परीक्षा दी थी, उनका डेटा और रजिस्ट्रेशन आगे होने वाले री एग्जाम में इस्तेमाल किया जाएगा।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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