NEET UG 2026 paper Leak : देशभर में मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों को बड़ा झटका लगा है।नेशनल एलिबिजिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) नीट परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है। अब इस पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई करेगी। ऐसे में अब छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल है। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगे क्या होगा और अब छात्र क्या करें। इस बीच NTA ने भी परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट (re neet 2026) दिया है।
अब आगे क्या ?
परीक्षा रद्द होने की खबरों के बीच एनटीए ने जानकारी दी है कि मई 2026 सेशन में किए गए रजिस्ट्रेशन डेटा, कैंडिडेट की जानकारी और चुने गए परीक्षा केंद्र दोबारा आयोजित होने वाली परीक्षा में मान्य (neet news) रहेंगे। नए सिरे से रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता नहीं होगी और न ही कोई अतिरिक्त एक्जाम फीस लिया जाएगा नीट रद्द होने के बाद एनटीए ने उम्मीदवारों और अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट या फिर सोशल मीडिया हैंडल पर भरोसा करें। बिना पुष्टि के किसी जानकारी पर भरोसा न करें।
छात्र इस बात का रखें खास ध्यान
छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है। परीक्षा रद्द होने का ये मतलब नहीं है कि उनकी मेहनत बेकार हो गई। संभावना है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी दोबारा से एग्जाम आयोजित करवा सकता है। ऐसे में छात्रों को अपनी तैयारी जारी रखनी चाहिए और पढ़ाई से ब्रेक नहीं लेना चाहिए। खासकर फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के मुख्य टॉपिक्स का रेगुलर रिवीजन करना बेहद जरूरी है।
एसओजी कर रही पूरे मामले की जांच
बताते चलें कि इस पूरे मामले की जांच राजस्थान एसओजी गहनता से कर रही है। सैकड़ों सीसीटीवी, कंप्यूटर, मोबाइल और हार्ड ड्राइव खंगाले जा रहे हैं। अलग-अलग ई मित्र, पीजी, कोचिंग सेंटर, और कंसल्टेंसी सेंटर से ये सभी डिवाइसेस जुड़े हुए हैं।
बता दें कि 3 मई को देशभर में आयोजित हुई मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-2026 का सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर वायरल हुए कथित 'गेस पेपर' मामले में राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जांच तेज कर दी है। एसओजी का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच शुरुआती स्तर पर है और अभी इसे पेपर लीक कहना उचित नहीं होगा। इस बारे में जानकारी देते हुए एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा से पहले करीब 150 पन्नों की एक पीडीएफ व्हाट्सएप पर वायरल हुई थी, जिसे 'गेस पेपर' बताया जा रहा है।
जांच एजेंसी अब ये पता लगाने में जुटी है कि यह गेस पेपर किसने तैयार किया और इसे कैसे प्रसारित किया गया। एसओजी के अनुसार वायरल पीडीएफ में कुल 410 प्रश्न थे, जिनमें से करीब 120 प्रश्न केमिस्ट्री विषय के बताए जा रहे हैं जो परीक्षा में आए। इसी आधार पर मामले की जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि ये गेस पेपर पिछले करीब एक महीने से कई छात्रों के पास मौजूद था और सैकड़ों छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुपों में सर्कुलेट हुआ है।
छात्रों को सलाह
छात्रों को खुद को पॉजिटिव रखना चाहिए और ये समझना चाहिए कि ये स्थिति सिर्फ एक नहीं बल्कि सभी अभ्यर्थियों के लिए एक सी है। अगर परीक्षा दोबारा होती है तो छात्रों को पिछले पेपर और मॉक टेस्ट पर ध्यान देना चाहिए और टाइम मैनेजमेंट के साथ-साथ कमजोर विषयों में पकड़ सुधारने का ये एक अच्छा मौका है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जो छात्र लगातार प्रैक्टिस और अनुशासन बनाए रखेंगे, उन्हें आगे फायदा मिलेगा। फिल्हाल सबकी नजर सरकार और NTA के अगले फैसले पर टिकी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही परीक्षा को लेकर नई तारीख और पूरी प्रक्रिया की घोषणा की जाएगी।
