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NEET-JEE में बड़ा बदलाव संभव! एडमिशन में 12वीं बोर्ड के अंकों को मिल सकता है 50% वेटेज

NEET, JEE admissions may include up to 50% weightage for board exam marks: केंद्र सरकार एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसके तहत भविष्य में NEET और JEE जैसी प्रवेश परीक्षाओं में 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत वेटेज दिया जा सकता है।

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बोर्ड परीक्षाओं के नंबर को लेकर सरकार की क्या प्लानिंग

NEET, JEE admissions may include up to 50% weightage for board exam marks: देश की मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिसके तहत भविष्य में NEET और JEE जैसी प्रवेश परीक्षाओं में 12वीं बोर्ड परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत वेटेज दिया जा सकता है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो छात्रों का चयन केवल एक प्रवेश परीक्षा के आधार पर नहीं, बल्कि बोर्ड परीक्षा और एंट्रेंस टेस्ट दोनों के प्रदर्शन को मिलाकर किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय द्वारा गठित नौ सदस्यीय समिति इस प्रस्ताव का अध्ययन कर रही है। समिति का गठन छात्रों की कोचिंग पर बढ़ती निर्भरता, डमी स्कूलों की बढ़ती संख्या और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता जैसे मुद्दों की समीक्षा के लिए किया गया था। हाल के वर्षों में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत भी महसूस की गई है।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। समिति अपनी रिपोर्ट जल्द केंद्र सरकार को सौंप सकती है। इसके बाद सरकार सभी सुझावों की समीक्षा करेगी और आवश्यक होने पर नई प्रवेश नीति तैयार की जाएगी। यानी फिलहाल छात्रों के लिए मौजूदा प्रवेश प्रक्रिया में कोई बदलाव लागू नहीं हुआ है। यदि भविष्य में यह व्यवस्था लागू होती है, तो NEET और JEE की तैयारी करने वाले छात्रों को प्रवेश परीक्षा के साथ-साथ 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। इससे स्कूल शिक्षा की उपयोगिता बढ़ने के साथ-साथ केवल एक हाई-प्रेशर परीक्षा पर निर्भरता भी कम हो सकती है।

फिलहाल मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश मुख्य रूप से NEET और JEE जैसी परीक्षाओं के अंकों के आधार पर होता है। बोर्ड परीक्षा के अंक केवल न्यूनतम पात्रता तय करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। लेकिन प्रस्तावित व्यवस्था में बोर्ड परीक्षा का महत्व काफी बढ़ सकता है। इसका उद्देश्य छात्रों पर एक ही परीक्षा का दबाव कम करना और पूरे शैक्षणिक प्रदर्शन को महत्व देना है।

समिति केवल बोर्ड अंकों के वेटेज तक सीमित नहीं है। वह कई अन्य सुधारों पर भी विचार कर रही है। इनमें प्रवेश परीक्षाओं के सिलेबस को स्कूल पाठ्यक्रम के अधिक अनुरूप बनाना, छात्रों को एक से अधिक अवसर देना और भविष्य में एडाप्टिव कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं (Adaptive CBT) लागू करना शामिल है। इन बदलावों का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता कम करना और नियमित स्कूल शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाना है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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