देश में एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर छिड़ी बहस के बीच मल्लिकार्जुन खरगे ने बड़ी मांग कर दी है। उन्होंने लोकसभा और सभी विधानसभाओं को भंग करने की मांग करते हुए सभी चुनावों को अवैध करार दिया है। उन्होंने कहा कि नए सिरे से बैलेट पेपर के जरिए नए चुनाव कराए जाएं।
खरगे ने आरोप लगाया कि मौजूदा चुनाव प्रक्रिया में EVM के कथित दुरुपयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं के कारण लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राज्यों के मुख्यमंत्रियों के निर्वाचन को भी अवैध बताया।
‘लोकसभा और विधानसभाएं भंग हों,फिर चुनाव कराए जाएं’
कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत में खरगे ने कहा कि देश में मौजूदा सरकारें जिन चुनावों के जरिए बनी हैं,उन्हें भंग कर नए चुनाव कराए जाने चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ये चुनाव बैलेट पेपर से होने चाहिए। उनकी यह मांग कांग्रेस और INDIA bloc की ओर से EVM की जगह बैलेट पेपर तथा SIR से पहले की मतदाता सूचियों को लेकर चलाए जा रहे विरोध अभियान के बीच आई है।
SIR को लेकर लगाए गंभीर आरोप
खरगे ने मतदाता सूची के SIR में गड़बड़ियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदान केंद्र से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हट जाते हैं तो निष्पक्ष चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया का असर गरीबों, अशिक्षित लोगों, मजदूरों और अल्पसंख्यकों पर पड़ रहा है। खरगे ने आरोप लगाया कि कुछ लोग वार्डों, पंचायतों और गांवों में जाकर मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म भर रहे हैं।
EVM और चुनाव आयोग पर भी निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने EVM के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और उन्हें मिली कानूनी सुरक्षा से जुड़े 2023 के कानून पर भी सवाल उठाए। खरगे ने आरोप लगाया कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल थे, लेकिन 2023 के कानून में इस व्यवस्था में बदलाव किया गया। उन्होंने चुनाव आयुक्तों को मिली कानूनी सुरक्षा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।6 अक्टूबर को विपक्ष का बड़ा मार्च
मल्लिकार्जुन खरगे ने इस दौरान INDIA bloc की भविष्य की रणनीति के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को हुई बैठक में SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर आगे आंदोलन जारी रखने पर सहमति बनी थी। तब विपक्षी दलों ने अक्टूबर के पहले सप्ताह में देशव्यापी अभियान और चुनाव आयोग तक मार्च की योजना बनाई है। 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद नई दिल्ली में चुनाव आयोग की ओर मार्च करेंगे। खरगे ने कहा कि विपक्ष अलग-अलग राज्यों में भी आंदोलन करेगा और लोगों को चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक करने का प्रयास जारी रखेगा।
