India Slams Pakistan UN: संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान की चालबाजी को नाकाम करते हुए उसे कड़ा आईना दिखाया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति की बैठक के दौरान जब पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने हमेशा की तरह जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की, तो भारत ने 'जवाब देने के अधिकार' (Right of Reply) का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान की पोल खोलकर रख दी।
पीटीआई भाषा के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव भाविका मंगलानंदन ने पाकिस्तान पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में तथाकथित नागरिक सरकारें अपनी सेना के इशारों और रहमोकरम पर चलती हैं। यही वजह है कि वहां कोई भी चुनी हुई सरकार अपना कार्यकाल तक पूरा नहीं कर पाती। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान का उदाहरण देते हुए कहा कि एक पूर्व पीएम जेल में बंद हैं और उनकी सेहत बिगड़ रही है, जबकि उनकी पार्टी को चुनाव तक नहीं लड़ने दिया गया।
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तीन दशकों से भारत में सीमा पार आतंकवाद
भारतीय राजनयिक ने कड़े शब्दों में दोहराया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने देश के अंदरूनी असंतोष और बदहाली से दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए तीन दशकों से भारत में सीमा पार आतंकवाद और घुसपैठ को बढ़ावा दे रहा है।
भाविका मंगलानंदन ने पाकिस्तान को दिखाई औकात
भारत ने UN के मंच से मांग की कि इस मामले में अब एकमात्र मुद्दा यही बचा है कि पाकिस्तान अपने अवैध कब्जे वाले भारतीय भूभाग (PoK) को जल्द से जल्द खाली करे। भाविका मंगलानंदन ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आम नागरिकों पर हो रहे अत्याचारों, रोटी-बिजली की किल्लत और मानवाधिकारों के हनन को उजागर किया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में मीडिया पर सेंसरशिप लागू है और वहां धांधली से बनी 'फॉर्म 47' वाली सरकार चल रही है, जिसे सिर्फ सेना मुख्यालय से आदेश मिलते हैं। इसके उलट, जम्मू-कश्मीर में साल 2024 में निष्पक्ष और ऐतिहासिक विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं, जहां जनता ने भारी मतदान कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपना अटूट विश्वास जताया है। भारत ने सलाह दी कि पाकिस्तान दूसरों की ज़मीन पर नज़र रखने के बजाय अपने देश के अंदरूनी हालातों, भूख और चरमराती अर्थव्यवस्था को सुधारने पर ध्यान दे।
