Asian Games 2026: भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने शनिवार को बड़ा खुलासा किया कि पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में मिली कड़ी जीत ही फाइनल में मलेशिया पर दबदबे वाली जीत की वजह बनी। इसी जीत से टीम ने एशियन गेम्स 2026 का स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही 2028 ओलंपिक का कोटा भी हासिल कर लिया। फाइनल में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 2 गोल दागे और भारत ने मलेशिया को 5-1 से एकतरफा अंदाज में हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।
कोच ने बताया सेमीफाइनल के बाद क्या बदली रणनीति
फुल्टन ने फाइनल के बाद कहा, "हमने शानदार खेल दिखाया। इस मानसिकता में आने के लिए हमें लगभग उस सेमीफाइनल जीत की जरूरत थी।उन्होंने कहा, "दरअसल, मलेशिया हमेशा से भारत के लिए मुश्किल प्रतिद्वंद्वी रहा है। फाइनल के पहले हाफ में भी उसने भारतीय डिफेंस के लिए परेशानी खड़ी की थी, लेकिन दूसरे हाफ में भारत ने बाजी पलट दी। कोच ने कहा, "मुझे लड़कों पर गर्व है, क्योंकि मलेशिया ने पहले हाफ में वास्तव में अच्छा खेला। हम अपनी रणनीति पर कायम रहे लेकिन उन्होंने विश्व स्तरीय गोल किया। 2-1 की बढ़त के साथ मुकाबला कड़ा था। फिर हमारा तीसरा क्वार्टर शानदार रहा और वहीं से अंतर बना।"
टीम की मानसिकता पर दिया जवाब
सेमीफाइनल के बाद फाइनल से पहले टीम की मानसिकता पर फुल्टन ने बताया कि उन्होंने ईमानदारी से समीक्षा की थी। कोच ने कहा, "यह मैच अच्छा था क्योंकि हमने सेमीफाइनल के बाद ईमानदारी से समीक्षा की। हमें बस खुद पर और अपनी बुनियादी रणनीति पर ध्यान देना था, लेकिन इसे तेज गति से करना था और कोई डर नहीं रखना था। अचानक, चीजें क्लिक करने लगीं और हम फिर से आगे बढ़ गए।" भारत हालिया वर्ल्ड कप में 9वें स्थान पर रहा था, जो निराशाजनक था। लेकिन फुल्टन ने कहा कि 2026 का मुख्य लक्ष्य एशियन गेम्स के जरिए ओलंपिक क्वालीफाई करना था।
वर्ल्ड कप के बाद राहत भरा गोल्ड
उन्होंने कहा, "यह 2026 का मुख्य लक्ष्य था। अगर हम वर्ल्ड कप जीत भी जाते तो हमें यहां आना ही पड़ता। वर्ल्ड कप उम्मीद के मुताबिक नहीं गया। मुझे खुशी है कि हमने एशिया में अपना दबदबा बनाया।" सीनियर खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि वर्ल्ड कप के बाद यह गोल्ड बड़ी राहत है। उन्होंने कहा, "वर्ल्ड कप मानसिक और शारीरिक रूप से कठिन था। हम बहुत थक चुके थे, लेकिन हमें पता था कि एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतना है। दूसरा मौका नहीं है। यह बड़ा मंच है और हमें निरंतरता रखनी है।"
