NCERT Releases Revised Class 8 Social Science Textbook: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की संशोधित पाठ्यपुस्तक जारी कर दी है। इस नई पुस्तक में न्यायपालिका (Judiciary) से जुड़े अध्याय में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। संशोधित संस्करण में न्यायपालिका से जुड़े उन सभी विवादित संदर्भों को हटा दिया गया है, जिन पर अदालत ने आपत्ति जताई थी। अब अध्याय में छात्रों को न्यायपालिका की स्वतंत्रता, कानून के शासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसकी भूमिका के बारे में संतुलित और तथ्यात्मक जानकारी देने का प्रयास किया गया है। साथ ही, भारतीय न्यायपालिका की संवैधानिक भूमिका, न्यायिक व्यवस्था की संरचना, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और न्यायालयों के कार्यों पर अधिक जोर दिया गया है। यह संशोधन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद किया गया है, जिसके तहत पहले प्रकाशित पुस्तक के विवादित अंशों की समीक्षा करने को कहा गया था।
दरअसल, इसी वर्ष फरवरी में जारी सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार, लंबित मामलों की संख्या और न्यायिक व्यवस्था की चुनौतियों का उल्लेख किया गया था। अदालत ने पुस्तक के वितरण और डिजिटल उपलब्धता पर रोक लगाने का आदेश दिया था और NCERT से संशोधित संस्करण प्रस्तुत करने को कहा था। इन टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया था।
जानकारी के अनुसार, संशोधित पाठ्यपुस्तक को विशेषज्ञ समिति की समीक्षा और आवश्यक अनुमोदनों के बाद दोबारा प्रकाशित किया गया है। NCERT का कहना है कि नई सामग्री राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की भावना और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है ताकि छात्रों को सटीक, संतुलित और जिम्मेदार शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा जगत में पाठ्यपुस्तकों की सामग्री, अकादमिक स्वतंत्रता और संस्थागत जवाबदेही को लेकर व्यापक बहस भी छेड़ दी है। वहीं, NCERT का संशोधित संस्करण इस विवाद के बाद उठाए गए सुधारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
