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National Youth Day: स्वामी विवेकानंद ने कहा अमेरिका की बहनों और भाइयों, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी अमेरिकी असेंबली

  • Authored by: नीलाक्ष सिंह
  • Updated Jan 12, 2024, 08:42 AM IST

National Youth Day Speech Quotes Theme Importance: राष्ट्रीय युवा दिवस आज, 12 जनवरी को मनाया जा रहा है। National Youth Day का आयोजन 1985 से महान स्वामी विवेकानंद और उनकी शिक्षाओं का सम्मान करने के लिए शुरू किया गया था।

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1893 की शिकागो में स्वामी विवेकानंद की स्पीच

National Youth Day हर साल 12 जनवरी को मनाया जाता है। आज के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के हुबली जिले में राष्ट्रीय युवा महोत्सव को हरी झंडी दिखाएंगे। बहरहाल, हम यहां राष्ट्रीय युवा दिवस के बारे में जानेंगे। (Swami Vivekananda Jayanti) स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। 1984 में, भारत सरकार ने स्वामी जी की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day in Hindi) के रूप में घोषित किया और 1985 से, स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को सम्मान और मान्यता देने के लिए इस दिन मनाया जाता है।

इस वर्ष, राष्ट्रीय युवा दिवस 2023 की थीम "विकसित युवा-विकसित भारत" है। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा कर्नाटक सरकार के सहयोग से 12 से 16 जनवरी तक हुबली-धारवाड़, कर्नाटक में 26वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

राष्ट्रीय युवा दिवस का उद्देश्य

भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस (Swami Vivekananda Birthday) लोगों के अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने और उनके बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए मनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवित रखना और युवाओं को प्रेरित करना उत्सव का मुख्य उद्देश्य है। राष्ट्रीय युवा दिवस (राष्ट्रीय युवा दिवस) पर देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें भाषण, संगीत, युवा सम्मेलन, सेमिनार, निबंध लेखन व अन्य प्रतियोगिताएं शामिल हैं। जबकि राष्ट्रीय युवा महोत्सव के पीछे का उद्देश्य 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के लिए छात्रों और पूरे युवाओं को एक साथ लाना है। राष्ट्रीय युवा महोत्सव के लिए सभी 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के युवा सात दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेंगे।

स्वामी विवेकानंद के बारे में - Who is Swami Vivekananda)

स्वामी विवेकानंद का पूर्व-मठवासी नाम नरेंद्र नाथ दत्ता था। उनका जन्म 12 जनवरी, 1863 (Swami Vivekananda Born) को कोलकाता में हुआ था और उनकी मृत्यु 4 जुलाई, 1902 को हुई थी। उनके पिता का नाम विश्वनाथ दत्ता और माता का नाम भुवनेश्वरी देवी था। 1881 में दक्षिणेश्वर के काली मंदिर में उनके एक अंग्रेजी प्रोफेसर द्वारा उनका परिचय कराने के बाद वे संत रामकृष्ण परमहंस के शिष्य बन गए।

प्रेरणादायक थे स्वामी विवेकानंद

उनकी शिक्षाएं युवाओं के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा थीं। (Swami Vivekananda Motivational Quotes) उनके अनुसार, "जवानी ही युवावस्था है और इसकी कोई उम्र नहीं होती... उनमें अतुलनीय जोश और उत्साह होता है... उनमें बदलाव लाने की क्षमता होती है।" वे हिंदू धर्म और उसके मूल्यों को फैलाने के लिए प्रसिद्ध हैं।

शिक्षा के प्रति स्वामी विवेकानंद का जोर

विवेकानंद ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा के महत्व को बहुत जोर दिया।

उनका मानना था कि शिक्षा लोगों को सशक्त बनाने का प्राथमिक साधन है।

उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा को आम जनता के लिए प्रासंगिक होने पर जोर दिया।

विवेकानंद को 1893 में शिकागो में (Chicago Speech of Swami Vivekananda) विश्व धर्म संसद में उनके भाषण के लिए जाना जाता है, जब उन्होंने "अमेरिका की बहनों और भाइयों ..." कहकर अपना भाषण शुरू किया और भारत की संस्कृति, इसके महत्व, हिंदू धर्म आदि का परिचय दिया।

स्वामी विवेकानंद का अनमोल वचन क्या है? या विवेकानंद के मूल मंत्र क्या थे? या विवेकानंद जी का नारा क्या था? या स्वामी विवेकानंद का प्रसिद्ध भाषण क्या है?

  • उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाए।
  • ब्रह्मांड की सभी शक्तियां हमारे अंदर हैं। यह हम ही हैं जिन्होंने अपनी आंखों के सामने हाथ रखा है और रोते हुए कहा कि अंधेरा है।
  • जितना हम दूसरों के साथ अच्छा करते हैं उतना ही हमारा हृदय पवित्र हो जाता है और भगवान उसमें बसता है।
  • अगर धन दूसरों की भलाई करने में मदद करे, तो इसका कुछ मूल्य है, अन्यथा, ये सिर्फ बुराई का एक ढेर है।
  • किसी की निंदा ना करें, अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो जरूर बढ़ाएं। अगर नहीं बढ़ा सकते, तो अपने हाथ जोड़िये, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये, और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिये।
  • जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है तब वह वास्तविक भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।
नीलाक्ष सिंह
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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