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Success Story: MBA मेघा जैन ने जुनून से बनाया करियर, शादी का गिफ्ट ढूंढते-ढूंढते आया था आइडिया

Megha Jain success story: मेघा जैन 2012 से अपनी शादी में मेहमानों के लिए एक अच्छा गिफ्ट तलाश कर रही थीं, तभी उनकी नजर विदेशी सुपरफूड्स जैसे क्रैनबेरी, ब्लूबेरी, और गोजी बेरी पर पड़ी। MBA पास मेघा को यहीं से एक आइडिया मिला और उसकी आइडिया ने आज उन्हें कामयाबी दिलाई।

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Megha Jain

Megha Jain success story: इस दुनिया में लीक से हटकर चलने वाले युवाओं ने पहचान बनाई है। जो कुछ अलग करते हैं, वो दुनिया में अलग दिखते हैं। आज हम बात करेंगे मेघा जैन की । मेघा जैन 2012 से अपनी शादी में मेहमानों के लिए एक अच्छा गिफ्ट तलाश कर रही थीं, तभी उनकी नजर विदेशी सुपरफूड्स जैसे क्रैनबेरी, ब्लूबेरी, और गोजी बेरी पर पड़ी। MBA पास मेघा को यहीं से एक आइडिया मिला और उसकी आइडिया ने आज उन्हें कामयाबी दिलाई।

मेघा जैन ने साल 2007 में सिम्बायोसिस कॉलेज पुणे से MBA किया। उन्होंने साउथ दिल्ली पॉलीटेक्निक से इंटीरियर डिजाइनिंग में डिप्लोमा भी किया है। हालांकि उन्होंने इन दोनों ही फील्ड्स में नौकरी करने के बजाय अपनी अलग राह चुनी और निरंतर मेहनत के बल पर खुद की पहचान बना ली है।

ऐसे शुरू हुआ सफर

मेघा जैन 2012 से अपनी शादी में मेहमानों के लिए एक अच्छा गिफ्ट तलाश कर रही थीं, तभी उनकी नजर विदेशी सुपरफूड्स जैसे क्रैनबेरी, ब्लूबेरी, और गोजी बेरी पर पड़ी। जब उन्होंने इनकी कीमत देखी तो काफी ज्यादा थी। मेघा ने सोचा कि क्यों न खुद ही ये बनाए जाएं। इसके बाद उन्होंने थाईलैंड से क्रैनबेरी और ब्लूबेरी मंगाए। इसके बाद अपने प्रोडक्ट्स में शामिल किए chia seeds, quinoa, और brazil nuts जैसे हेल्दी सुपरफूड्स को भी शामिल किया और इन हेल्दी प्रोडक्ट्स को भारत में बेचना शुरू किया।

कोविड ने दिलाया मुकाम

मेघा जैन ने अपनी एक छोटी सी कंपनी केनी डिलाइट्स बनाई। कोरोना के समय जब लोग घर में बंद थे और कुछ हेल्दी खाना चाहते थे तो उन्हें घर बैठे ऑनलाइन ऑर्डर मिलने लगे और मेघा का ये आइडिया छा गया। मेघा कहती हैं कि अगर आपके पास जुनून और मेहनत है, तो कोई भी सपना बड़ा नहीं होता। आज मेघा अपने पैरों पर खड़ी हैं और उन महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं जो बड़े सपने तो देखती हैं लेकिन पूरे नहीं कर पातीं।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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