Mahatma Gandhi Jeevni: सिर्फ 13 साल की उम्र में जिस लड़के की शादी हो गई थी और अच्छे खासे भरपूर घर से होने के बावजूद जिसने अपनी पूरी जिंदगी गरीबी में बिताई, वो आगे चलकर देश का राष्ट्रपिता बना। हम बात कर रहे हैं महात्मा गांधी की, जिनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था और जो सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए भी शांति, सत्य और अहिंसा के प्रतीक हैं। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि बिना हथियार उठाए भी अन्याय के खिलाफ सबड़े बड़ी लड़ाई लड़ी जा सकती है। उन्होंने साधारण कपड़ों में सरल जीवन जीते हुए करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम के लिए एकजुट किया और फिर वे भारत को आजादी दिलाने वाले राष्ट्रपिता बने।
महात्मा गांधी की जीवनी: Mahatma Gandhi Jeevan Parichay
उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर शहर में हुआ था। उनके पिता का नाम करमचंद गांधी और मां का नाम पुतलीबाई गांधी था। सिर्फ 13 साल की उम्र में ही महात्मा गांधी की शादी कस्तूरबा से हो गई थी। इस शादी से उनके चार बच्चे हुए, जिनके नाम हरिलाल, मणिलाल, रामदास और देवदास।
कहां से हुई पढ़ाई-लिखाई ? Mahatma Gandhi Education
गांधी जी की शुरुआती पढ़ाई पोरबंदर और राजकोट में हुई थी। इसके बाद हायर एजुकेशन के लिए वे इंग्लैंड गए, जहां से उन्होंने लॉ की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही वे सत्य, नैतिकता और अनुशासन से जुड़ते चले गए। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे वकालत के लिए दक्षिण अफ्रीका चले गए। वहां से उन्होंने भारतीयों के साथ हो रहे अन्याय और नस्लभेद को बेहद करीब से देखा।
एक वाकये ने बदल दी जिंदगी: Mahatma Gandhi Life
एक बार ट्रेन में उन्हें सिर्फ रंगभेद के चलते बाहर फेंक दिया गया। इस घटना ने गांधी जी की जिंदगी को पूरी तरह से बदलकर रख दिया। यहीं से उन्होंने सत्य, अहिंसा के जरिये अन्याय के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया।। गांधी जी का पूरा जीवन सादगी और नैतिकता का प्रतीक था। वे सिर्फ खादी पहनते थे और खुद चरखा चलाते थे। इसके साथ ही गांधी जी स्वदेशी वस्तुओं का प्रचार करते थे। गांधी जी का मानना था कि हर भारतीय आत्मनिर्भर बनेगा तो देश गुलामी की जंजीरों से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने ये बात कही थी कि आप वो बदलाव बनिये जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।1948 में हुई हत्या: Gandhi Ji Death Reason
30 जनवरी 1948 का वो दिन था, जब नाथूराम गोडसे ने गांधी जी की हत्या कर दी। इस हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। मगर गांधी जी के विचार आज भी लोगों के मन में जिंदा हैं। आज सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के लोग गांधीजी के विचारों से प्रेरणा लेते हैं।
