Labourer son cracked UP PCS Exam with 15th rank : वाकई दृढ़ संकल्प के साथ मजबूत इच्छाशक्ति हो तो फिर लक्ष्य हासिल हो ही जाता है। कई लोग तमाम संसाधन होने के बावजूद वो नहीं कर पाते, जो कोई संसाधनों की कमी के साथ भी कर जाता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है लखीमपुर खीरी के मजदूर के बेटे ने। अमीरनगर क्षेत्र के गंगापुर ग्रंट के निवासी संतराम के बेटे ने मेहनत और लगन से ऐसा मुकाम पाया है कि पिता के कंधे भी गर्व से चौड़े हो गए। वरुण का परिवार आज भी कच्चे मकान में रहता है। यहीं पर रहकर उन्होंने अपने परिवार की किस्मत लिख दी। चलिये बात करतें हैं वरुण कुमार की इस जर्नी के बारे में...
वरुण को मिला डीएसपी का पद
दरअसल, वरुण कुमार का चयन डीएसपी पद के लिए हुआ है। उन्हें उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) परीक्षा में सफलता मिली है। जब पीसीएस परीक्षा का रिजल्ट आया और पता लगा कि बेटे का चयन डीएसपी पद के लिए हुआ है तो परिवार में खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। VARUN KUMAR ने DEPUTY SUPERINTENDENT OF POLICE पोस्ट के लिए 15 रैंक हासिल की है।
कहां से हुई थी पढ़ाई-लिखाई ?
वरुण कुमार की शुरुआती शिक्षा गांव में ही हुई थी। गांव के प्राइमरी स्कूल से वे पढ़े। अमीरनगर कस्बे के वरुण कुमार की शुरुआती शिक्षा गांव में ही हुई थी। गांव के प्राइमरी स्कूल से वे पढ़े। इसके बाद उन्होंने अमीरनगर कस्बे के जहीर हसन अल्पसंख्यक इंटर कॉलेज से उन्होंने 10वीं और और फिर मोहम्मदी के पीडी इंटर कॉलेज से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इंटर पूरा करने के बाद उन्होंने शाहजहांपुर के जीएफ कॉलेज से बीएससी की। फिर इसके बाद वे प्रयागराज चले गए। यहां पर 6 साल तक उन्होंने तैयारी की।
वरुण के पिता ने उन्हें पढ़ाने-लिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वरुण की पढ़ाई के लिए पिता ने तीन बीघा जमीन बेच दी। इसे बाद वरुण ने कड़ी मेहनत से पीसीएस परीक्षा में सफलता पाई। उनके घर पर पिता संतराम, माता रामदेवी, भाई नीरज कुमार और बहन पूनम देवी हैं।
