JNVU PhD Admission 2026: जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) में पीएचडी (PhD) करने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। 3 साल से रुके पीएचडी कोर्स के एडमिशन अब शुरू होने वाले हैं। राजभवन (लोक भवन) से विश्वविद्यालय के नए 'पीएचडी ऑर्डिनेंस' को औपचारिक मंजूरी मिलने के साथ ही इसे लागू कर दिया गया है। अब जेएनवीयू में रिसर्च में दाखिले की पूरी प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के वर्ष 2022 के नए दिशा-निर्देशों के तहत संचालित की जाएगी। आइए आपको इस संबंध में अधिक जानकारी दें।
UGC-NET स्कोर के आधार पर ऐसे बनेगी फाइनल मेरिट लिस्ट
नए प्रावधानों के तहत पीएचडी में एडमिशन के लिए यूजीसी-नेट (UGC-NET) परीक्षा को मुख्य आधार बनाया गया है। इसके तहत अभ्यर्थियों को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जो इस प्रकार है
नेट-जेआरएफ (NET-JRF)
केवल नेट (NET)
पीएचडी प्रवेश के लिए पात्र नेट अभ्यर्थी
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - 10वीं पास ITI वालों के लिए सरकारी नौकरी का गोल्डन चांस, AVNL में 1213 पदों पर निकली वैकेंसी
कैसे होगी चयन प्रक्रिया
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि पीएचडी कोर्स में चयन की प्रक्रिया में 70% वेटेज यूजीसी-नेट स्कोर को दिया जाएगा, जबकि शेष 30% अंक इंटरव्यू और प्रेजेंटेशन के आधार पर तय होंगे। इसमें इंटरव्यू के लिए 15% और रिसर्च प्रेजेंटेशन के लिए 15% अंक निर्धारित किए गए हैं। यानी केवल नेट परीक्षा पास करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि इंटरव्यू और शोध विषय की प्रस्तुति भी अंतिम चयन में अहम भूमिका निभाएगी। इसलिए उम्मीदवारों की इसकी तैयारी अच्छे से करने की सलाह दी गई है।
वर्किंग प्रोफेशनल के लिए पार्ट-टाइम पीएचडी ऑप्शन
इस नए ऑर्डिनेंस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पार्ट-टाइम पीएचडी के लिए स्पष्ट नियम और प्रावधान तय किए गए हैं। इससे सरकारी या निजी क्षेत्र में पहले से काम करने वाले वर्किंग प्रोफेशन अपनी जॉब के साथ रिसर्च कार्य भी पूरा कर सकेंगे। इसके अलावा, सीजीपीए (CGPA), क्रेडिट पॉइंट, कोर्स वर्क और विदेशी संस्थानों से संबंधित नियमों को भी यूजीसी के राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपडेट किया गया है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें - UPTET Result 2026: जल्द घोषित होंगे नतीजे, यहां जानें रिजल्ट डाउनलोड करने का तरीका और पासिंग मार्क्स
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी से जुड़े ऑर्डिनेंस 199 से 224 तक में व्यापक संशोधन किए हैं। विभागीय शोध प्रक्रिया को कायम रखते हुए प्रवेश और शोध की गुणवत्ता में सुधार के लिए यह कदम उठाया गया है। आवेदन प्रक्रिया और विषयवार सीटों का विवरण विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द ही नोटिफिकेशन के माध्यम से जारी किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखें।
