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पूर्व छात्रा से वाइस चांसलर का सफर, जानें JNU VC शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित की एजुकेशन और करियर के बारे में

JNU Vice Chancellor Shantishree Dhulipuri Pandit Education: JNU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ने का सपना हर किसीका है। ऐसे में इस विश्वविद्यालय के शिक्षा प्राप्त करने के बाद वाइस चांसलर बनना केवल एक सपना पूरा होना नही है, बल्कि एक बड़ी उपलब्धि है। आज हम आपको JNU की पूर्व छात्रा से इस विश्वविद्यालय की पहली महिला वाइस चांसलर बनी शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित की एजजुकेश के बारे में बताएंगे।

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JNU VC शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित की एजुकेशन और करियर

JNU Vice Chanslor Shantishree Dhulipuri Pandit Education: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, जिसे हम सभी JNU के नाम से जानते हैं, देश के सबसे बेहतरीन केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है। नई दिल्ली में स्थित JNU अपनी शिक्षा और रिसर्च के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस बीच आपने कभी सोचा इस संस्थान की वर्तमान वाइस चांसलर (Vice-Chancellor) शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित जो JNU की पहली महिला वाइस चांसलर है, उनकी एजुकेशन क्या है, कैसे उन्हें इतना बड़ा पद संभालने का मौका मिला है। आइए जानें सालों-साल चर्चा का केंद्र बने JNU से शिक्षा प्राप्त करने से वहां की पहली महिला चांसलर की बनने का सफर उन्होंने कैसे तय किया।

JNU की पहली महिला वाइस चांसलर शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित

शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित को न केवल जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर बनीं, बल्कि उन्हें इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की पहली महिला वाइस चांसलर बनने का सौभाग्य मिला है। शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने इस पद की जिम्मेदारी साल 2022 में संभाली थी। इस पद को संभालते हुए वह कई बार अपने फैसलों को लेकर चर्चा का केंद्र रही है। खैर हम उनके फैसलों पर नहीं बल्कि आज उनकी शिक्षा को लेकर बात करने वाले हैं।

शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित की एजुकेशन

JNU की वाइस चांसलर शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित ने तमिलनाडु के चेन्नई में स्थित प्रेसिडेंसी कॉलेज से अपनी बैचलर (1983) और मास्टर की डिग्री (1985) प्राप्त की। उसके बाद वह दिल्ली आईं और यहां JNU के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज से इंटरनेशनल रिलेशन में एमफिल (1986) की शिक्षा प्राप्त की और पीएचडी में आगे बढ़ी, जिसमें उनका रिसर्च टॉपिक "भारत में संसद और विदेश नीति-नेहरू कला" (1990) पर आधारित था।

बता दें कि उनकी शिक्षा केवल देश तक सीमित नहीं रही। उन्होंने उन्होंने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, लॉन्ग बीच से सोशल वर्क में डिप्लोमा और उप्साला विश्वविद्यालय से शांति और संघर्ष अध्ययन में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया। अपने अच्छे शैक्षणिक करियर के साथ पंडित की तेलुगु, तमिल, मराठी, हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी जैसी भाषाओं पर भी अच्छी पकड़ है। उन्हें कन्नड़, मलयालम और कोंकणी भाषा समझ आती है।

कई विश्वविद्यालयों में संभाल चुकी हैं प्रशासनिक पद

बता दें कि शांतिश्री धुलिपुड़ी ने टीचिंग में अपने करियर की शुरुआत गोवा विश्वविद्यालय से की थी। उसके बाद उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय में शिक्षा दी और उसके बाद अपने जेएनयू की वाइस चांसलर बनने से पहले उन्होंने कई संस्थानों में प्रोफेसर के और प्रशासनिक पदों पर कार्य किया। इस दौरान उन्होंने UGC में इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (Indian Council of Social Science Research) की सदस्य के रूप में सेंट्रल यूनिवर्सिटी में विजिटर के पदों के लिए नामित सदस्यों के तौर पर भी कार्य किया है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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