IMA Passing Out Parade 2026: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की पासिंग आउट परेड इस बार हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। पहली बार ऐसा हुआ है जब आईएमए से नौ महिला कैडेट्स ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर सेना में अधिकारी बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रखा है। यह उपलब्धि केवल इन महिला कैडेट्स के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय सेना और देश की लाखों युवतियों के लिए भी प्रेरणा है।
अब तक भारतीय सेना में महिलाओं की नियुक्ति मुख्य रूप से शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के माध्यम से होती थी। इस व्यवस्था के तहत महिला अधिकारियों को एक निश्चित अवधि तक सेवा देनी पड़ती थी, जिसके बाद वह परमानेंट कमीशन के लिए पात्र मानी जाती थी। लेकिन इस बार IMA से पास आउट होने वाली नौ महिला कैडेट्स सीधे परमानेंट कमीशन प्राप्त करने वाली पहली महिला अधिकारी बनेंगी। यह बदलाव भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी की तारीफ
बता दें देहरादून में इंडियन मिलिट्री एकेडमी में 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करते हुए, राष्ट्रपति ने कहा कि महिला अधिकारियों को शामिल करना भारत की महिला-नेतृत्व वाले विकास की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्रपति सचिवालय के एक बयान में कहा गया, वह नौ महिला कैडेटों को देखकर बहुत खुश हुई। उन्होंने कहा कि यह IMA के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण है। यह न केवल भारत के रक्षा बलों के इतिहास में एक मील का पत्थर है बल्कि महिला नेतृत्व वाले विकास की ओर भारत की यात्रा का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
साथ ही सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर और समीक्षा अधिकारी के तौर पर राष्ट्रपति ने नए नियुक्त अधिकारियों को शुभकामनाएं दी और उनसे समर्पण, अनुशासन, देशभक्ति और कर्तव्य की अटूट भावना के साथ देश की सेवा करने का आग्रह किया।
IMA Passing Out Parade: कुल 515 ऑफिसर कैडेट पास आउट हुए
बता दें अकादमी से कुल 515 ऑफिसर कैडेट पास आउट हुए, जिनमें 481 भारतीय जेंटलमैन कैडेट और 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट शामिल थे।
