Nepal Flood: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के 24 दिन बाद भी राहत एवं बचाव कार्य जोरों-शोरों से चल रहा है। इस बीच, अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना की साइट पर ऑडिट-3 सुरंग से सात और शव बरामद किए गए हैं। नेपाली सेना ने शुक्रवार शाम जारी बचाव अभियान की जानकारी में इसकी पुष्टि की।
नेपाल न्यूज डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से अबतक 1,400 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 6,100 लोग अब भी लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है। नेपाली सेना ने बताया कि सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने नुवाकोट जिले में ऊपरी त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना स्थल पर ऑडिट-3 टनल से शव बरामद किए।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटेन से भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया। इस आपदा में बृहस्पतिवार तक कम से कम 1,410 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 6,145 लोग लापता बताए गए हैं।
अबतक 13,756 को किया गया रेस्क्यू
खोज और बचाव दलों ने अब तक प्रभावित इलाकों से 13,756 से अधिक लोगों को बचाया है। नेपाल के सेना मुख्यालय ने बताया कि ऊपरी त्रिशूली-1 परियोजना की सुरंग में कंक्रीट के काम के लिए तैयार स्टील की जाली में शव फंसे हुए मिले। उन्हें निकालने के लिए टीम ने ग्राइंडर, गैस कटर और अन्य बचाव उपकरणों का इस्तेमाल किया।
उसने बताया कि खोज अभियान जारी है, क्योंकि बचाव कर्मियों को सुरंग के अंदर कीचड़ के नीचे और भी शव दबे होने की आशंका है। इससे पहले, विदेशी तकनीशियनों से युक्त एक संयुक्त टीम लापता कर्मचारियों की तलाश के लिए परियोजना की मुख्य प्रवेश सुरंग में करीब 400 मीटर अंदर तक पहुंचने में सफल हुई थी।
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कहां-कहां चल रहे तलाशी अभियान
नेपाली सेना ने बताया कि रसुवागढ़ी, रसुवा भोटेकोशी, लांगटांग, त्रिशूली-3ए और ऊपरी त्रिशूली-3बी समेत कई अन्य जलविद्युत परियोजनाओं में भी तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं।
चिलीमे जलविद्युत परियोजना की एक सुरंग से बुधवार को पांच शव बरामद किए गए। यह सफलता भारतीय और नेपाली बचाव दलों ने गाद और मलबे को हटाकर जमीन के नीचे बने बिजली केंद्र तक पहुंचने के बाद प्राप्त की। हालांकि, इस दौरान कोई जीवित नहीं मिला।
