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JEE डेटा लीक पर IIT रुड़की का बड़ा दावा, डेटा ब्रीच और प्राइवेसी वायलेशन के दावों को बताया गलत, शिक्षा मंत्रालय ने भी दी सफाई

JEE (एडवांस्ड) 2026 से जुड़े कथित डेटा ब्रीच और प्राइवेसी वायलेशन के दावों के बीच IIT रुड़की ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। संस्थान ने कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही जानकारी “गुमराह करने वाली और तथ्यात्मक रूप से गलत” है।

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IIT Roorke Data Leak: आईआईटी रुड़की डाटा लीक प्रकरण

JEE (एडवांस्ड) 2026 से जुड़े कथित डेटा ब्रीच और प्राइवेसी वायलेशन के दावों के बीच IIT रुड़की ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। संस्थान ने कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही जानकारी “गुमराह करने वाली और तथ्यात्मक रूप से गलत” है तथा इससे वास्तविक स्थिति का सही चित्रण नहीं होता। IIT रुड़की के अनुसार, 2 जून 2026 को कुछ अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड और रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी तक पहुंच में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए त्वरित तकनीकी हस्तक्षेप किए गए थे। इसी दौरान क्लाउड स्टोरेज के एक हिस्से में अस्थायी कॉन्फ़िगरेशन संबंधी त्रुटि उत्पन्न हुई। एक एथिकल हैकर ने इस गड़बड़ी की जानकारी संस्थान को दी, जिसके बाद इसे तत्काल ठीक कर दिया गया और डेटा तक पहुंच सीमित कर दी गई।

संस्थान ने स्पष्ट किया कि संबंधित स्टोरेज केवल “रीड-ओनली” मोड में था, यानी वहां मौजूद डेटा को न तो बदला जा सकता था और न ही हटाया जा सकता था। क्लाउड एक्सेस लॉग की जांच में किसी बड़े पैमाने पर डेटा डाउनलोड या डेटा चोरी के प्रमाण नहीं मिले। IIT रुड़की का दावा है कि संवेदनशील जानकारी का न तो दुरुपयोग हुआ और न ही उसका बड़े स्तर पर निष्कर्षण किया गया। इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय ने भी बयान जारी कर मामले को निराधार बताया है।

IIT रुड़की ने यह भी कहा कि इस तकनीकी घटना का JEE (एडवांस्ड) 2026 के परीक्षा परिणाम, उम्मीदवारों की रैंक, अंक, श्रेणी या JoSAA काउंसलिंग प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। संस्थान ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। संस्थान ने लोगों से अपील की है कि अपुष्ट और भ्रामक जानकारी साझा करने से बचें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।

क्या है मामला

मामले की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट से हुई। Anil Rylen नाम के एक यूजर ने दावा किया कि जेईई एडवांस्ड 2026 की परिणाम प्रणाली से जुड़ा एक क्लाउड स्टोरेज गलत तरीके से कॉन्फिगर किया गया था। इसके चलते बिना किसी पासवर्ड या प्रमाणीकरण के हजारों दस्तावेज और उम्मीदवारों का डेटा सार्वजनिक रूप से एक्सेस किया जा सकता था। दावे के अनुसार, इस डेटा में उम्मीदवारों के नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, एडमिट कार्ड और परिणाम से जुड़ी जानकारी शामिल थी। सोशल मीडिया पर साझा किए गए स्क्रीनशॉट में कई छात्रों के दस्तावेज, उनके सब्जेक्ट वाइज नंबर, रैंक और पर्सनल जानकारियां तक दिखाई गईं।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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