एजुकेशन

IAS Smriti Mishra Success Story: पिता जिले के सीओ और बेटी बनी कलेक्टर, जानें UPSC टॉपर स्मृति मिश्रा की कहानी

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Sep 28, 2023, 04:14 PM IST

IAS Smriti Mishra Success Story in Hindi: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा 2022 में चौथी रैंक लाकर आईएएस बनने वाली स्मृति मिश्रा के पिता यूपी पुलिस में सीओ/डीएसपी हैं। स्मृति ने आगरा से 12वीं तक की पढ़ाई की है। इसके बाद मिरिंडा हाउस कॉलेज से उन्होंने बीएससी की पढ़ाई की। जानें उनकी सफलता की कहानी।

Image

IAS Smriti Mishra Success Story

IAS Smriti Mishra Success Story in Hindi: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने कुछ समय पहले ही सिविल सेवा 2022 का रिजल्ट जारी किया जिसमें इशिता किशोर ने टॉप किया। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा 2022 में चौथी रैंक लाकर आईएएस बनने वाली स्मृति मिश्रा की कहानी काफी दिलचस्प है। स्मृति के पिता यूपी पुलिस में सीओ/डीएसपी हैं। स्मृति ने आगरा से 12वीं तक की पढ़ाई की है। इसके बाद मिरिंडा हाउस कॉलेज से उन्होंने बीएससी की पढ़ाई की। जानें उनकी सफलता की कहानी।

चौथी रैंक लाकर रचा इतिहास

सिविल सेवा परीक्षा 2022 में चौथी रैंक लाकर स्मृति मिश्रा ने इतिहास रच दिया है। यूपीएससी की परीक्षा में चौथी रैंक प्राप्त करने वाले स्मृति मिश्रा ने आगरा के सेंट क्लेयर्स से 10 और 12वीं की पढ़ाई की है। इसके बाद मिरिंडा हाउस कॉलेज से उन्होंने बीएससी की पढ़ाई की।

पिता हैं UP Police में डीएसपी

जिस वक्त यूपीएएसी सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट आया, वह डीयू से ही लॉ की पढ़ाई कर रही थीं। आईएएस बनने वाली स्मृति मिश्रा के पिता यूपी पुलिस में सीओ/डीएसपी हैं। पिता को बेटी के आईएएस बनने की खबर ड्यूटी पर मिली। स्मृति की मां अनीता मिश्रा गृहणी हैं। इसके अलावा उनके भाई लोकेश मिश्रा सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं।

कैसे की UPSC की तैयारी

स्मृति मिश्रा कहती है, 'मैंने कभी इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि मुझे आठ घंटे पढ़ना है या 10 घंटे। मैं हमेशा टॉपिक तय करती थी। उसी के हिसाब से आगे पढ़ाई करती थी।' स्मृति आगे कहती हैं, 'पढ़ाई पर फोकस करने के लिए मैंने सोशल मीडिया से भी दूरी बना ली थी। केवल व्हाट्सएप के जरिए ही अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों से जुड़ी रहती थी।'

स्मृति कहती हैं उनके पिता लोगों की खूब मदद करते हैं। मैं भी उनकी तरह जरूरतमंद लोगों की मदद करना चाहती थी। वह कहती हैं कि मैं महिलाओं को उनका हक दिलाना चाहती थी। इसलिए मैंने शुरू में ही तय कर लिया था कि मुझे आईएएस अफसर बनना है।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article