How To Prepare For Neet And CUET Exam: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट, अंडरग्रेजुएट (NEET UG) की परीक्षाएं 21 जून को आयोजित की जाएंगी। वहीं इस बीच 11 मई से 31 मई 2026 के बीच आयोजित होने वाली सीयूईटी यूजी की परीक्षा ने लाखों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ जहां NEET मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का रास्ता खोलती है, तो वहीं दूसरी ओर CUET देश की केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एडमिशन का सबसे बड़ा माध्यम बन चुकी है। ऐसे में कई छात्र दोनों परीक्षाओं की तैयारी एकसाथ करने को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति में हैं।
बता दें सही टाइम टेबल, स्मार्ट रिवीजन और टाइम मैनेजमेंट के जरिए छात्र NEET और CUET दोनों में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। अगर समय का सही उपयोग किया जाए और पढ़ाई को व्यवस्थित तरीके से किया जाए, तो दोनों परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन संभव है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर छात्र रणनीति के साथ पढ़ाई करें, तो दोनों परीक्षाओं में सफलता हासिल करना मुश्किल नहीं है। ऐसे में यहां आप जान सकते हैं कि, NEET और CUET की तैयारी एक साथ कैसे करें? दोनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग टाइम मैनेजमेंट कैसे करें? साथ ही CUET और NEET की तैयारी के दौरान Stress और Pressure को कैसे मैनेज करें? छात्रों को किस विषय पर सबसे ज्यादा फोकस करना चाहिए? Time Management में सबसे ज्यादा गलती छात्र कहां करते हैं?
NEET UG और CUET UG परीक्षा में अंतर
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट, अंडरग्रेजुएट मुख्य रूप से मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी से सवाल पूछे जाते हैं। इसमें कॉन्सेप्ट की गहराई और तेजी से प्रश्न हल करने की क्षमता महत्वपूर्ण होती है। वहीं CUET में छात्रों को अलग अलग विषयों के साथ भाषा और जनरल टेस्ट भी देना पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो सीयूईटी का एग्जाम नीट परीक्षा से करीब 10 गुना आसान होता है। यहां आप एक्सपर्ट की राय जान सकते हैं।

NEET 2026
छात्रों को दोनों परीक्षाओं के लिए स्टडी प्लान कैसे बनाना चाहिए?
हाल ही में 20 वर्षों से IIT, NEET और बोर्ड परीक्षा के छात्रों को कोचिंग दे रहे अमित दीक्षित (M-tech, IIT-DELHI/GATE- AIR 1) ने टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत करते हुए बताया कि सबसे पहले आपको अपना टारगेट निर्धारित करना है। अच्छे छात्रों का टारगेट सीयूईटी नहीं बल्कि नीट होना चाहिए। वहीं अगर आपमें आत्मविश्वास की कमी है और आप अपनी सिक्योरिटी लेकर चलना चाहते हैं तो सबसे पहले आप सीयूईटी पर फोकस करें, क्योंकि सीयूईटी काफी सरल परीक्षा है, यह पूरी तरह से एनसीईआरटी के पैटर्न पर होती है। साथ ही उन्होंने अच्छे छात्रों को लेकर कहा कि आपका नीट का पेपर पहले 3 मई को हो चुका है। आपकी तैयारी पहले ही हो चुकी है। अब आपको बस मेंटल स्ट्रेस को कम रखना है और रिवीजन पर जोर देना है। ऐसे में यदि आप सीयूईटी की परीक्षा के बाद यानी 1 जून से भी अपना रिवीजन शुरू करते हैं तो भी आपको लिए 21 दिन काफी हैं।
क्या NEET और CUET का सिलेबस एक-दूसरे को सपोर्ट करता है?
अधिकतर छात्रों का सवाल है कि क्या नीट और सीयूईटी यूजी परीक्षा का सिलेबस एक दूसरे से मैच होता है। इस पर एक्सपर्ट ने बताया कि, सिलेबस बिल्कुल एकसमान है। उन्होंने कहा कि आप जितनी भी बायोलॉजी वाली परीक्षाएं लेंगे सभी का सिलेबस लगभग समान होता है। सभी में एनसीईआरटी से सवाल पूछे जाते हैं, लेकिन क्वेश्चन के फॉर्मेशन में जमीन आसमान का अंतर देखने को मिलता है। ऐसे में यदि आप सोच रहे हैं कि सीयूईटी की तैयारी से मुझे नीट में फायदा मिलने वाला है तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। नीट की परीक्षा में 95 पर्सेंट सवाल सीयूईटी की तुलना में काफी कठिन लेवल के पूछे जाते हैं।

NEET, CUET Exam 2026.
दोनों परीक्षाओं के लिए अलग-अलग टाइम मैनेजमेंट कैसे करें?
IIT-DELHI/GATE- AIR 1 अमित ने कहा कि सबसे पहले तो छात्र दोबारा परीक्षा देने से निराश न हों, आप इसे एक अवसर के रूप में लें। अभी आपके पास कुल 1 महीने का समय है। ऐसे में जो भी सब्जेक्ट आपका कमजोर है उसे आप कम से कम 15 दिन दीजिए, बाकी के 12 दिनों में अपने शॉर्ट नोट्स को रिवाइज्ड करें। इस तरह आप अपने तीनों विषयों को स्ट्रॉन्ग बना सकते हैं।
पढ़ाई के दौरान मानसिक दबाव कम करने के लिए क्या करना चाहिए?
इस पर उन्होंने कहा कि सबसे पहले छात्रों को अपने दिमाग को शांत रखना है। रोजाना कम से कम 15 से 30 मिनट योग करें। यह बच्चों के लिए बेहद प्रभावशाली साबित हो सकता है, इससे ऊर्जा का अच्छा प्रभाव होता है। साथ ही जब आप खाली बैठते हैं तो उल्टे सीधे सवाल आते हैं, ऐसे में सबसे अच्छा तरीका है कि आप मॉक टेस्ट देना शुरू कर दें। ध्यान रहे आपको रोजाना मॉक टेस्ट नहीं देना है। एक दिन आप मॉक टेस्ट दें और दूसरे दिन अपने पेपर का एनालाइस करके अपनी कमियों को दूर करना है। ऐसा करने पर आपकी तैयारी पहले से और शानदार हो सकती है।
छात्रों को किस विषय पर सबसे ज्यादा फोकस करना चाहिए?
अधिकतर छात्रों का सवाल रहता है कि किस विषय पर ज्यादा फोकस करें? एक्सपर्ट की मानें तो अक्सर छात्र तीन सब्जेक्ट फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में से किसी दो सब्जेक्ट को अच्छे से पढ़ते हैं और एक को छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि टॉपर्स स्टूडेंट्स को बिल्कुल भी ऐसा नहीं करना है, आपको तीनों विषयों को समान समय देना है। उदाहरण के तौर पर मान लीजिए केमिस्ट्री में आप वीक हैं, मान लीजिए इसमें कुल 15 चैप्टर्स हैं। किस चैप्टर से ज्यादा क्वेश्चन रिपीट होता है यह आपको इंटरनेट पर मिल जाएगा। जैसे इलेक्ट्रोमैग्नेटिव वेव से मुश्किल से 2 साल में एक सवाल पूछा जाता है, वहीं रे ऑप्टिक्स (Ray Optics) से हर साल दो सवाल आने ही आने होते हैं। ऐसे चैप्टर्स के आपको पिछले साल के क्वेश्चनर पेपर्स (Previous Years Question Papers) हल करना है। इससे जो सब्जेक्ट आपका वीक है उसकी भी अच्छी तैयारी हो जाएगी।

NEET Exam 2026
Time Management में सबसे ज्यादा गलती छात्र कहां करते हैं?
उन्होंने कहा कि अगर आप NEET का एग्जाम दे रहे हैं, तो आपको कभी भी पेपर की स्टार्टिंग फिजिक्स से नहीं करना है, क्योंकि यहां आपको हर सवाल में कम से कम 1 मिनट का समय लग जाएगा। जबकि बायोलॉजी के सवाल में आपको प्रत्येक प्रश्न में मात्र 10 से 15 सेकेंड का एवरेज टाइम लगेगा। उसमें मात्र आपको 10 से 15 सेकेंड लगेगा। ऐसे में अगर आप फिजिक्स से एग्जाम शुरू करते हैं तो 1 घंटे में मात्र 30 क्वेश्चन हो पाएंगे, वहीं यदि आप बायोलॉजी से शुरू करते हैं तो पहले 1 घंटे में आप कम से कम 90 में से 70 सवाल कर लेंगे।
उन्होंने कहा कि कॉम्पिटिशन वही निकाल पाएगा जो अगले 1 या 1.25 घंटे में कम से कम 50 प्रतिशत पेपर सॉल्व कर लेते हैं। यहां अगर आप 90 सवाल कर लेते हैं तो समझ लीजिए आपने आधा पेपर सॉल्व कर लिया है। यह फैसेलिटी आपको बायो या फिर केमिस्ट्री दे सकती है। ऐसे में आपको फिजिक्स का पेपर सबसे बाद में सॉल्व करना है।
हमें यह पता होना चाहिए कि किस प्रश्न को करना है और किसे छोड़ना है। शुरुआत के एक घंटे में आपको केवल उन्हीं प्रश्नों को करना है, जिस पर आपको पूरा भरोसा है और 30 से 40 सेकेंड के अंदर सॉल्व हो जाए। आपका सेलेक्शन ऑफ क्वेश्चन बिल्कुल अच्छा होना चाहिए।
