उत्तराखंड सरकार ने स्कूली छात्रों को तकनीकी शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत अब राज्य बोर्ड से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट पास करने वाले छात्रों को पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रवेश के लिए अलग से प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ना और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
इस संबंध में देहरादून स्थित एससीईआरटी सभागार में माध्यमिक शिक्षा विभाग और प्राविधिक शिक्षा विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के अनुसार राज्य के सरकारी इंटर कॉलेजों को चुनिंदा राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों से जोड़ा जाएगा। इससे छात्रों को जटिल प्रवेश प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी और वे आसानी से तकनीकी पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकेंगे।
किसे मिलेगा पॉलिटेक्निक के दूसरे साल में एडमिशन
नई व्यवस्था के तहत 10वीं पास छात्र सीधे पॉलिटेक्निक के इंजीनियरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे। वहीं इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्रों को कुछ पाठ्यक्रमों में सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों का समय बचेगा और वे जल्दी तकनीकी शिक्षा पूरी कर रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे।

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शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यह पहल राज्य के युवाओं को हुनरमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे पॉलिटेक्निक संस्थानों में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह योजना भविष्य में राज्य के युवाओं के लिए नए करियर अवसरों के द्वार खोलेगी और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी।
पॉलिटेक्निक क्या है?
पॉलिटेक्निक एक डिप्लोमा कोर्स है जो पूरी तरह तकनीकी और प्रैक्टिकल पढ़ाई पर आधारित होता है। यह उन छात्रों के लिए बेहतर विकल्प है जो कम समय में इंजीनियरिंग या किसी अन्य टेक्निकल फील्ड में करियर शुरू करना चाहते हैं। आमतौर पर यह कोर्स 10वीं या 12वीं के बाद जॉइन किया जाता है।
