Aaj Kya Hai 17 July 2026: आज 17 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। अगर आपके मन में भी यह सवाल है कि आज कौन सा व्रत रखा जाएगा, क्या आज मां लक्ष्मी की पूजा होगी या भगवान गणेश की, या फिर आज का सबसे शुभ मुहूर्त कौन सा है, तो यहां आपको एक ही जगह पूरी जानकारी मिल जाएगी।
दिलचस्प बात यह है कि इस बार शुक्रवार और आषाढ़ शुक्ल चतुर्थी एक साथ आ रहे हैं। यही कारण है कि आज दो महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराएं एक साथ निभाई जाएंगी। एक ओर भगवान गणेश को समर्पित अनिरुद्ध चतुर्थी व्रत रखा जाएगा, वहीं शुक्रवार होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु वैभव लक्ष्मी व्रत भी करेंगे।
आज मां लक्ष्मी की पूजा होगी या भगवान गणेश की
इस सवाल को लेकर कई लोगों के मन में भ्रम रहता है। इसका सीधा उत्तर है कि आज दोनों की पूजा की जा सकती है, लेकिन दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है। अनिरुद्ध चतुर्थी का मुख्य व्रत और पूजा भगवान श्रीगणेश को समर्पित है। इस दिन विघ्नहर्ता गणपति की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होने और कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है।
वहीं शुक्रवार के कारण कई श्रद्धालु वैभव लक्ष्मी व्रत रखेंगे। यह व्रत मां लक्ष्मी की कृपा, आर्थिक समृद्धि, सुख-शांति और परिवार की खुशहाली के लिए किया जाता है। यानी यदि आप अनिरुद्ध चतुर्थी का व्रत कर रहे हैं तो गणेश जी की पूजा अवश्य करें। यदि आप नियमित रूप से वैभव लक्ष्मी व्रत रखते हैं, तो मां लक्ष्मी का पूजन भी श्रद्धापूर्वक कर सकते हैं। दोनों पूजाओं में कोई विरोध नहीं माना जाता।
आज 17 जुलाई 2026 को कौन सा व्रत है
आज निम्न प्रमुख व्रत रखे जाएंगे-
- अनिरुद्ध चतुर्थी व्रत
- वैभव लक्ष्मी व्रत (शुक्रवार व्रत)
अनिरुद्ध चतुर्थी 2026 की तिथि
द्रिक पंचांग के अनुसार आषाढ़ शुक्ल चतुर्थी की तिथि 17 जुलाई 2026, सुबह 6:27 बजे प्रारंभ होगी और इस चतुर्थी तिथि का समापन 18 जुलाई 2026, सुबह 4:42 बजे होगा।
17 जुलाई को सूर्योदय सुबह 5:34 बजे होने के कारण उदयातिथि के आधार पर चतुर्थी व्रत 17 जुलाई, शुक्रवार को रखा जाएगा।
अनिरुद्ध चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त
भगवान गणेश की पूजा के लिए मध्याह्न काल सबसे श्रेष्ठ माना गया है। 17 जुलाई को गणेश पूजा का मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:04 बजे से दोपहर 1:49 बजे तक रहेगा। आज 17 जुलाई को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक रहेगा।
यदि संभव हो तो इसी समय भगवान गणेश की पूजा करना शुभ माना जाता है।
अनिरुद्ध चतुर्थी का धार्मिक महत्व
क्या आप जानते हैं कि हर मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित होती है? अलग-अलग महीनों में आने वाली इन चतुर्थियों के अलग-अलग नाम और महत्व बताए गए हैं। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को अनिरुद्ध चतुर्थी कहा जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की उपासना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है तथा नए कार्यों में सफलता के योग बनते हैं। विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग और व्यापारियों के लिए भी यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है।
आज 17 जुलाई 2026 शुक्रवार को वैभव लक्ष्मी व्रत
शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। इसलिए अनेक श्रद्धालु इस दिन वैभव लक्ष्मी व्रत रखते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक यह व्रत करने से
- घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
- आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।
- परिवार में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।
- धन के साथ-साथ संतोष और सौभाग्य की भी प्राप्ति होती है।
हालांकि धर्माचार्यों का कहना है कि व्रत का सबसे बड़ा उद्देश्य केवल धन प्राप्त करना नहीं, बल्कि संयम, श्रद्धा और सदाचार का पालन करना भी है।
आज 17 जुलाई को पूजा कैसे करें
यदि आप आज दोनों पूजन करना चाहते हैं तो सुबह स्नान के बाद घर के मंदिर की साफ-सफाई करें। सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान करें। उन्हें दूर्वा, लाल या पीले फूल, मोदक अथवा अपनी श्रद्धानुसार नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जप करें।
इसके पश्चात मां लक्ष्मी का पूजन करें। कमल का फूल या उपलब्ध पुष्प अर्पित करें, दीपक जलाएं और श्रीसूक्त अथवा लक्ष्मी मंत्र का पाठ करें। अंत में परिवार की सुख-समृद्धि और सभी के कल्याण की प्रार्थना करें।
नोट : धार्मिक जानकारी द्रिक पंचांग एवं प्रचलित धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। किसी विशेष पूजा-विधि या संकल्प के लिए अपने गुरु, पुरोहित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।
