Closing Bell Share Market Sensex Nifty : भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 15 सितंबर को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। दिन के ऊपरी स्तर से Sensex करीब 1,400 अंक फिसल गया, जबकि निफ्टी 23,100 के आसपास आकर बंद हुआ। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 777.94 अंक यानी 1.04% गिरकर 74,003.82 पर और निफ्टी 279.50 अंक यानी 1.19% टूटकर 23,118.60 पर बंद हुआ।
10 लाख करोड़ साफ
दिनभर बाजार पर दबाव इतना ज्यादा रहा कि NSE पर 2,824 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि सिर्फ 754 शेयरों में तेजी रही। बाजार मे चौतरफा बिकवाली के चलते निवेशकों को करीब 10 लाख करोड़ का झटका लगा है। पिछले सप्ताह शुक्रवार को जब बाजार बंंद हुआ तो कुल मार्केट कैप 4,83,10,214.927 करोड़ रुपये था, जो मंगलवार को घटकर 4,72,42,299.02 करोड़ रह गया।
बाजार में क्यों मची भगदड़?
सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से आया। ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता दिखा। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका ने तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत दुनिया के बड़े तेल आयातकों में शामिल है, इसलिए महंगा क्रूड सीधे तौर पर देश की महंगाई, कंपनियों की लागत और अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल सकता है। यही वजह है कि निवेशकों की चिंता सिर्फ आज के बाजार तक सीमित नहीं रही। महंगे तेल से इन्फ्लेशन (Inflation) बढ़ने की आशंका ने ग्लोबल इंट्रेस्ट रेट को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ाई।
बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाई टेंशन
दूसरा बड़ा कारण ग्लोबल बॉन्ड यील्ड (Global Bond Yields) में तेजी रही। अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड 5% के मनोवैज्ञानिक स्तर तक पहुंच गई है। यह इसलिए अहम है क्योंकि US 10-year yield को दुनिया के वित्तीय बाजारों में एक अहम बेंचमार्क माना जाता है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर इक्विटी की तुलना में बॉन्ड का आकर्षण बढ़ सकता है और इमर्जिंग मार्केट से विदेशी पैसा निकलने का दबाव भी बन सकता है। इसके अलावा तीसरी बड़ी वजह अमेरिका, जापान और भारत तीनों जगह केंद्रीय बैंकों की तरफ से ब्याज दर बढ़ने की आशंकाएं बाजार को डरा रही हैं।
टेक्निकल सेटअप हुआ कमजोर
बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण टेक्निकल सेटअप की कमजोरी भी है। Nifty के लिए 23,500-23,600 का जोन काफी अहम है। इस स्तर के ऊपर मजबूत वापसी नहीं होने से सेलिंग प्रेशर बना हुआ है। वहीं 23,231 के पिछले सप्ताह के लो के नीचे कमजोरी आने पर Nifty 23,070 के आसपास के अगले सपोर्ट तक खिसक सकता है।
विक्स ने भी बढ़ाई धड़कनें
बाजार में अस्थिरता भी बढ़ी है। India VIX करीब 9% चढ़कर 13.43 पर पहुंच गया। VIX में तेजी आमतौर पर बताती है कि शॉर्ट टर्म अस्थिरता और सेलिंग प्रेशर बढ़ सकता है।
