Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस के 7 मामलों में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है। हालांकि कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह उन्हें दिया गया आखिरी मौका है। सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को दो हफ्ते के भीतर कम से कम 2 करोड़ रुपये कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही बाकी बकाया रकम के लिए सिक्योरिटी देने को कहा गया है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन जजों की बेंच ने की। टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: सलमान खान के बाद राजपाल यादव को भी मिली गुंडों से धमकी, पाकिस्तान से आया मेल
राजपाल यादव का यह विवाद करीब 15 साल पुराना है और एक्टर की फिल्म 'अता पता लापता' से जुड़ा है। 2010 में फिल्म बनाने के लिए राजपाल यादव की प्रोडक्शन कंपनी ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये लिए थे। लेकिन फिल्म के व्यावसायिक रूप से सफल नहीं होने के बाद रकम की वापसी को लेकर विवाद शुरू हुआ। बाद में भुगतान के लिए जारी किए गए चेक बाउंस हो गए और इसी आधार पर राजपाल यादव के खिलाफ 7 अलग-अलग चेक बाउंस मामले दर्ज हुए। टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें: King के बाद क्या लेकर आएंगे Shah Rukh Khan? एक्टर ने तोड़ी चुप्पी; 'धुरंधर' के लिए कही ये बात
7 चेक बाउंस के मामलों में हुई थी सजा
दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई 2026 में राजपाल यादव की दोषसिद्धि बरकरार रखी थी। सातों मामलों में उन्हें 3 महीने की सजा सुनाई गई और कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलें। हर मामले में 1.05 करोड़ रुपये की रकम भी शिकायतकर्ता को देने का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट ने पहले की कार्यवाही के दौरान जमा की गई करीब 2.25 करोड़ रुपये की रकम को भी एडजस्ट करने का निर्देश दिया था। राजपाल यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने से अंतरिम छूट दी थी, लेकिन इसकी शर्त रखी थी कि उन्हें 5 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने होंगे।

Rajpal Yadav को सुप्रीम कोर्ट से मिला आखिरी मौका
राजपाल यादव के वकील ने मांगा 2 हफ्ते का समय
आज सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से पेश वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल के पास फिलहाल इतनी रकम उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कोर्ट से कुछ समय देने की मांग की। वकील ने बताया कि राजपाल यादव के पास कुछ संपत्ति है और उनकी मां के नाम भी अचल संपत्ति है, जिसे बेचकर रकम जुटाने की योजना है। वकील ने कहा कि अगर कोर्ट दो हफ्ते का समय दे देता है तो वह कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने का ठोस प्रस्ताव लेकर आएंगे।
CJI की सख्त टिप्पणी- 'कोर्ट में भी ड्रामा कर रहे हैं'
राजपाल यादव के पुराने आचरण को लेकर CJI सूर्यकांत ने नाराजगी जताई। CJI ने कहा कि उनके पिछले व्यवहार को देखते हुए उन पर भरोसा करना मुश्किल है। एक्टर को लेकर CJI ने कहा, "उनके पिछले आचरण को देखते हुए... कोई उन पर कैसे भरोसा कर सकता है? वह बॉलीवुड में ड्रामा और एक्टिंग करने में माहिर हैं, कोर्ट में भी वही कर रहे हैं।" हालांकि, राजपाल यादव के वकील की ओर से भुगतान का ठोस प्रस्ताव देने के आश्वासन के बाद कोर्ट ने उन्हें आखिरी मौका दे दिया।
5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय की है. तब तक राजपाल यादव को मिली गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा जारी रहेगी। हालांकि, कोर्ट ने उनका पासपोर्ट सरेंडर करने का निर्देश दिया है. यानी फिलहाल राजपाल यादव को जेल जाने से राहत मिली है, लेकिन अब उन्हें दो हफ्ते में कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने होंगे और बाकी रकम के लिए सिक्योरिटी देनी होगी. इसके बाद 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा।
