DGP Selection Process, Salary, Power: पुलिस किसी भी राज्य और देश के कानून व्यवस्था की रीढ़ होती है। पुलिस तंत्र जितना मजबूत और सशक्त होगा, अपराधियों और अपराध पर उतनी ही लगाम लगाई जा सकती है। पुलिस महकमे में भर्ती होने का सपना देश के कई युवा देखते हैं। वहीं, कई लोग पुलिस डिपार्टमेंट के सबसे ऊंचे पद यानी डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) बनना चाहते हैं। हालांकि, डीजीपी बनने के लिए जी तोड़ मेहनत करनी होती है। साथ ही ये शक्तियों के साथ-साथ जिम्मेदारियों से भरा पद भी होता है।
आप भी यदि भविष्य में डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद तक पहुंचना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी करनी होगी। संविधान के अनुच्छेद 312 के तहत देश में तीन अखिल भारतीय सेवा- भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा। इसके लिए हर साल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन करता है। परीक्षा के तीन चरण प्री, मेन्स और इंटरव्यू होते हैं। इस परीक्षा में टॉप रैंक लाने वालों को हर साल ये सेवाएं दी जाती है। यदि आप डीजीपी बनना चाहते हैं तो आपको इस परीक्षा में अच्छी रैंक लानी होगी।
डीजीपी की शक्तियां
आईपीएस बनने के बाद हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग होती है। इस दौरान आपको केंद्र सरकार द्वारा कैडर यानी गृह राज्य दिया जाता है। अपने कैडर में आप कई साल तक बतौर एसपी, एसएसपी या दूसरे बड़े पद पर रहेंगे। इसके बाद कई साल काम करने के बाद आपको राज्य के किसी रेंज का आईजी बनाया जाता है। इस दौरान बीच में केंद्र में प्रतिनियुक्ति भी होती है। आईपीएस की सेवा में 30 साल गुजारने के बाद डीजीपी बन सकते हैं। हालांकि, उम्र 60 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए।
डीजीपी की सैलेरी और ताकत
डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस राज्य में कानून व्यवस्था, ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है। इसके अलावा वह राज्य के डीआईजी, आईजी से लेकर एसएसपी और थानाध्यक्ष तक को मैनेज करता है। वहीं डीजीपी राज्य के गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को कानून व्यवस्था से संबंधित रिपोर्ट देते हैं।
डीजीपी ज्यादा राज्य के पुलिस हेडक्वॉर्टर में बैठते हैं, जो राजधानी में स्थित होता है। डीजीपी की सैलेरी की बात करें तो उन्हें प्रतिमाह 56 हजार से दो लाख 25 हजार तक का ग्रेड पे मिलता है।
