Clean Karo NEET: 21 जून को होने वाले नीट यूजी परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द होने के बाद अब सरकार इस मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम को “फुलप्रूफ” तरीके से कराने की तैयारी में जुट गई है। इसी को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लगातार उच्चस्तरीय बैठकें कर रहे हैं जिसमें परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। सूत्रों की मानें तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने साफ कहा है कि इस बार किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी के साथ नीट यूजी री-एग्जाम को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
लीक प्रूफ एग्जाम के लिए क्या है तैयारी
बता दें कि नीट यूजी के लाखों छात्रों के लिए ये समय किसी डरावने सपने से कम नहीं है। 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा पेपर लीक के बाद रद्द कर दी गई जिसके बाद से ही छात्रों को करारा झटका लगा। पेपर लीक की घटना से सबक लेकर शिक्षा मंत्रालय और NTA इस बार परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखने की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ परीक्षा को लेकर तमाम सर्विलांस के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, इस बार हाई-टेक सुरक्षा और निगरानी की जा रही है। AI-आधारित सीसीटीवी कैमरे परीक्षा के दौरान क्लासरूम और एंट्री गेट पर लगाए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल नेटवर्क, ब्लूटूथ और वाई-फाई को पूरी तरह से ब्लॉक करने के लिए 5G जैमर लगाए जाएंगे। सभी केंद्रों की लाइव फीड सीधे केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (Central Control Room) से जुड़ी रहे इसके लिए सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है।
सॉल्वर गैंग और पेपर लीक माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए बायोमेट्रिक और फ्रिस्किंग टेक्नीक का सहारा लिया जाएगा। परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले उम्मीदवारों के फिंगरप्रिंट और चेहरे का मिलान बायोमेट्रिक से किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे जिससे उम्मीदवारों की शारीरिक जांच की जाती है। मल्टी-लेयर जांच के लिए परीक्षा केंद्र के नियम इस बार काफी सख्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
Meta-Google-Telegram भी रडार पर
बैठक में शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि पिछली परीक्षा के दौरान सामने आई सभी खामियों और लापरवाहियों को पूरी तरह खत्म किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि NEET परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और बिना किसी गड़बड़ी के आयोजित होनी चाहिए। इसके लिए सभी राज्यों के जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय भी बनाया जाना चाहिए। इसी के साथ नीट यूजी री-एग्जाम को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
जिसके बाद अफवाहें फैलाने वाले फर्जी टेलीग्राम चैनल और ऑनलाइन नेटवर्क्स पर एक्शन लिया जा रहा है। खुफिया एजेंसियों ने सरकार को बताया कि कई फर्जी टेलीग्राम चैनल कुछ ही मोबाइल नंबरों से चलाए जा रहे हैं। इससे संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका है। इस पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ऐसे चैनलों को तुरंत पहचानकर ब्लॉक करने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया कंपनियों और एजेंसियों को मिलकर तेजी से कार्रवाई करने को कहा। सरकार का कहना है कि चैनल पेपर लीक की झूठी खबरें और भ्रामक पोस्ट फैलाकर छात्रों और उनके पैरेंट्स में डर और भ्रम पैदा करते हैं। कई लिंक छात्रों को फर्जी ग्रुप और ऑटोमेटेड बॉट्स तक पहुंचाते हैं, जहां अफवाहें तेजी से फैलाई जाती हैं। सरकार ने मेटा, गूगल और टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की और इन फर्जी ग्रुप्स और अकाउंट्स पर शिकंजा कसने की अपील की है।
