छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गुजरात के गांधीनगर में स्थित Namtech (New A Maker's institute of Technology) का भ्रमण किया। यह संस्थान मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई को एक नए और आधुनिक तरीके से सिखाने के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार, तकनीकी ज्ञान और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुजरात महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पवित्र भूमि है, जिसने पूरे देश को विकास, आत्मनिर्भरता और नवाचार का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ में भी ऐसे संस्थान स्थापित हों, जहां युवाओं को आधुनिक तकनीक और औद्योगिक प्रशिक्षण मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार, तकनीकी ज्ञान और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
लैब्स और नई तकनीकी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कॉलेज पहुंचकर वहां की पढ़ाई के तरीके, आधुनिक लैब्स और नई तकनीकी सुविधाओं को ध्यान से देखा। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनसे यह जाना कि वे किस तरह प्रोजेक्ट्स और मशीनों पर काम करके सीख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने छात्रों से उनके अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी चर्चा की।

namtech College gandhinagar
जल्द शुरू होगा डिजिटल प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब राज्य में आईटीआई कॉलेजों को इस तरह से विकसित करने की योजना है, जिससे युवाओं को नई तकनीक, जैसे स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन की जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में भी कॉलेजों में आधुनिक मशीनें और डिजिटल प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा, ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ असली काम सीख सकें।
NAMTECH कॉलेज के प्रबंधन ने मुख्यमंत्री को बताया कि गुजरात में उन्होंने ऐसा मॉडल अपनाया है, जहां कॉलेजों को आपस में जोड़कर पढ़ाई को और बेहतर बनाया गया है। वहां के छात्र अब नई तकनीक सीखकर सीधे उद्योगों में काम करने लायक बन गए हैं। उन्होंने बताया कि वे छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह मदद करना चाहते हैं, ताकि यहां के आईटीआई कॉलेज भी आधुनिक बन सकें। योजना है कि कुछ कॉलेजों को जोड़कर एक नेटवर्क बनाया जाए, जहां एक कॉलेज नई तकनीक सीखे और वही ज्ञान बाकी कॉलेजों तक पहुंचे

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नई तकनीक और आधुनिक उद्योगों से जुड़ी ट्रेनिंग
अगर यह नया मॉडल छत्तीसगढ़ में शुरू होता है, तो हर साल लगभग 10,000 से ज्यादा युवाओं को नई तकनीक और आधुनिक उद्योगों से जुड़ी ट्रेनिंग दी जा सकेगी। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ असली काम सीखने का मौका मिलेगा। वे मशीनों, ऑटोमेशन और नई इंजीनियरिंग विधियों को समझ पाएंगे। इस तरह उन्हें अच्छे रोजगार के अवसर मिलेंगे और वे देश के बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में काम करने के लिए तैयार हो सकेंगे।
विकसित भारत 2047 के सपने को करेंगे साकार
मुख्यमंत्री ने बताया कि विकसित भारत 2047 के सपने को पूरा करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि, युवा छत्तीसगढ़ की ताकत हैं। राज्य अब ऐसे युवाओं को तैयार कर रहा है जो नई सोच और आधुनिक तकनीक के साथ विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव एस भारतीदासन व अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
