एजुकेशन

CBSE की एक लापरवाही ने दांव पर लगाया होनहार छात्र का भविष्य, खाली मार्कशीट देख परिवार परेशान

CBSE विवादों के घेरे में लगातार बना हुआ है। छात्रों की परेशानी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। इस बीच कानपुर के रहने वाले मोहित राज के रिजल्ट का इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा है। हफ्ते बीत गए हैं, लेकिन उनकी 12वीं की मार्कशीट पूरी तरह से खाली है।

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CBSE

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कुछ समय पहले ही कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए थे। जहां एक ओर नतीजे आने के बाद लाखों छात्रों के घरों में खुशी का माहौल है, वहीं कानपुर के एक होनहार छात्र मोहित राज सिंह के घर में सन्नाटा पसरा नजर आया। इस सन्नाटे और उदासी की वजह छात्र की असफलता नहीं, बल्कि शिक्षा बोर्ड की एक ऐसी लापरवाही है जिसने एक होनहार छात्र के भविष्य को बीच में लटका दिया है, क्योंकि इस छात्र की मार्कशीट खाली (CBSE Student Blank Marksheet) अब भी खाली है। रिजल्ट जारी हुए लंबा समय हो गया है, हफ्तों बाद भी मार्कशीट पर अंक नजर नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर अनुराग त्यागी ने इस जानकारी को लोगों के साथ साझा किया है। सीबीएसई द्वारा 12वीं के रिजल्ट जारी होने के बाद से लगातार कोई न कोई विवाद जारी है। छात्रों के परेशानी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है।

हफ्तों बाद भी खाली दिखी मार्कशीट

रिजल्ट आने के बाद छात्रों को उनकी सालभर की मेहनत का फल मिल जाता है, लेकिन कानपुर के रहने वाले एक छात्र मोहित के साथ ऐसा नहीं हुआ। परीक्षा परिणाम घोषित तो हुए लेकिन मोहित के लिए इंतजार जारी रहा। हफ्ते बीत चुके हैं, मगर जब भी मोहित या उनके परिवार वाले इंटरनेट पर रिजल्ट चेक करते हैं, लेकिन निराशा के अलावा कुछ भी हाथ नहीं लगता। छात्र के साथ पूरा परिवार परेशान है क्योंकि उनके बच्चे की ऑनलाइन मार्कशीट में विषयों के आगे नंबरों की जगह पूरी तरह से खाली दिखाई दे रही है। बोर्ड की इस तकनीकी खराबी या लापरवाही, जो भी है, इसके कारण छात्र को अभी तक पता नहीं चल पाया है उसने परीक्षा में कैसा प्रदर्शन किया है।

दांव पर लगी IIT-JEE की तैयारी

मोहित राज सिंह कोई आम छात्र नहीं हैं, बल्कि वे एक बेहद प्रतिभाशाली और गंभीर अभ्यर्थी हैं। वे देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक, IIT-JEE (इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा) की तैयारी में दिन-रात जुटे हुए हैं। देश के सबसे बेहतरीन इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला पाने के लिए बारहवीं के अंक और उसका रिजल्ट बेहद मायने रखता है। ऐसे में मार्कशीट का खाली होना मोहित की मानसिक स्थिति और उनकी सालों की पढ़ाई पर भारी पड़ रहा है।

छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़

किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र के लिए समय सबसे कीमती होता है। आगे की पढ़ाई, कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया और काउंसलिंग के लिए 12वीं की मार्कशीट की तुरंत आवश्यकता होती है। ऐसे नाजुक समय पर सीबीएसई जैसी बड़ी संस्था का हफ़्तों बाद भी इस समस्या को ठीक न करना, सीधे तौर पर एक होनहार छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसा है। इस समय मोहित का पूरा परिवार इस बात को लेकर गहरे तनाव में है कि अगर समय रहते यह गड़बड़ी ठीक नहीं हुई, तो मोहित की पूरी साल की मेहनत बर्बाद हो सकती है। इस मामले में अब बोर्ड की ओर से जल्द से जल्द सुधार और स्पष्टीकरण की उम्मीद की जा रही है, ताकि मोहित बिना किसी मानसिक तनाव के अपने IIT के सपने को पूरा कर सकें।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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