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CBSE Exam 2025: साल में दो बार होगी सीबीएसई 10वीं की परीक्षा, जानें इस फैसले पर क्या बोले छात्र

सीबीएसई द्वारा 10वीं कक्षा की 2026 से वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के मसौदा मानदंडों को मंजूरी दिए जाने के बाद छात्रों और स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे सुधार के कई अवसर मिलेंगे।

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CBSE Exam 2025

सीबीएसई द्वारा 10वीं कक्षा की 2026 से वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के मसौदा मानदंडों को मंजूरी दिए जाने के बाद छात्रों और स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे सुधार के कई अवसर मिलेंगे। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 2026 से वर्ष में दो बार 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के मसौदा मानदंडों को मंगलवार को मंजूरी दे दी।

उन्होंने कहा कि इन मसौदा मानदंडों को अब सार्वजनिक किया जाएगा और हितधारक नौ मार्च तक अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं, जिसके बाद नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। मसौदा मानदंडों के अनुसार, परीक्षा का पहला चरण 17 फरवरी से छह मार्च तक आयोजित किया जाएगा, जबकि दूसरा चरण पांच से 20 मई तक आयोजित किया जाएगा।

द्वारका के आईटीएल इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य सुधा आचार्य ने कहा, ‘‘दो बार परीक्षा करने का यह प्रारूप छात्र-छात्राओं के अनुकूल है क्योंकि इसमें कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे परीक्षा का दबाव कम होता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में मानक गणित लेता है और उसे यह कठिन लगता है, तो वह दूसरे प्रयास में बुनियादी गणित का विकल्प चुन सकता है और अधिक आसानी से उत्तीर्ण हो सकता है।”

उन्होंने कहा कि पहले छात्रों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए केवल एक ही मौका मिलता था, लेकिन अब दबाव कम हो जाएगा। आईटीएल स्कूल के आठवीं कक्षा के एक छात्र ने ‘पीटीआई वीडियो’ को बताया, ‘‘चूंकि दोनों परीक्षाओं के सर्वश्रेष्ठ अंकों पर विचार किया जाएगा, इसलिए हम अपनी रणनीति बना सकते हैं। मैं पहली परीक्षा में गणित, अंग्रेजी और विज्ञान पर और अगली परीक्षा में अन्य विषयों पर ध्यान केंद्रित कर सकता हूं।’’

नौवीं कक्षा के एक छात्र ने कहा, ‘‘यह प्रणाली हमें अधिक अवसर प्रदान करती है। यदि मैं पहले प्रयास में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता हूं तो मैं अगली परीक्षा में पुनः प्रयास कर सकता हूं।’’ हालांकि, मयूर विहार स्थित विद्या बाल भवन स्कूल के प्रधानाचार्य एसवी शर्मा ने बताया कि नई प्रणाली से छात्रों का तनाव तो कम होगा, लेकिन इससे शिक्षकों पर काम का बोझ बढ़ सकता है।

शर्मा ने बताया, ‘‘शिक्षकों को फरवरी में बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन करना होगा, मार्च में निचली कक्षाओं के लिए वार्षिक परीक्षा आयोजित करनी होगी और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करनी होगी तथा फिर मई में दूसरी बोर्ड परीक्षा की देखरेख करनी होगी।’’

उन्होंने कहा कि इससे शिक्षकों पर काम का दबाव बढ़ सकता है और उनकी ग्रीष्मकालीन छुट्टियां कम हो सकती हैं।

(भाषा इनपुट के साथ।)

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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