CBSE Revaluation 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के छात्रों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे आने के बाद जो छात्र अपने अंकों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं, वह सीबीएसई की वेबसाइट से वेरिफिकेशन और रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। सीबीएसई स्कैन कॉपी और रिवैल्यूएशन प्रोसेस में आए टेक्निकल ग्लिच के बाद, सीबीएसई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक ट्वीट साझा करते हुए छात्रों को सूचित किया है कि अंकों के वेरिफिकेशन और कॉपियों के रिवैल्यूएशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल बहुत जल्द शुरू होने जा रहा है।
सोशल मीडिया पर सीबीएसई का महत्वपूर्ण संदेश
सीबीएसई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडर पर छात्रों को संबोधित करते हुए एक छोटा सा पोस्ट शेयर किया, जिसमें लिखा है - "Dear students, Verification and re-evaluation portal will go live soon. Official announcement will follow." यानी अंकों की जांच के लिए पोर्टल को बहुत जल्द लाइव कर दिया जाएगा और इसकी विस्तृत गाइडलाइंस व तारीखों से जुड़ी आधिकारिक घोषणा भी जल्द ही बोर्ड की ओर से जारी की जाएगी।
कैसे होता है अंकों का वेरिफिकेशन
वेरीफिकेशन प्रक्रिया के तहत छात्र अपने अंकों की दोबारा जांच करवा सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से तीन चीजों पर ध्यान दिया जाता है -
1. क्या उत्तर पुस्तिका के सभी पन्नों पर दिए गए अंकों को सही से जोड़ा गया है?
2. क्या कोई ऐसा उत्तर छूट तो नहीं गया है, जिस पर परीक्षक ने नंबर न दिए हों?
3. मार्क्स को कंप्यूटर सिस्टम पर अपलोड करते समय कोई त्रुटि तो नहीं हुई है?
दिए गए पॉइंट के आदार पर वेरिफिकेशन कर सुधार किया जाता है।
रिवैल्यूएशन क्यों है जरूरी?
यदि कोई छात्र वेरिफिकेशन के नतीजों से भी संतुष्ट नहीं होता है, तो वह 'रिवैल्यूएशन' यानी अपनी कॉपी के मूल्यांकन की दोबारा मांग कर सकता है। इस प्रक्रिया में छात्र के अनुरोध वाले विशिष्ट प्रश्नों के उत्तरों को किसी अन्य सब्जेक्ट एक्सपर्ट द्वारा दोबारा जांचा जाता है। यह प्रक्रिया उन मेधावी छात्रों के लिए वरदान साबित होती है जिन्हें लगता है कि उनकी मेहनत के अनुरूप उन्हें सही अंक नहीं मिले हैं।
