बारिश का मौसम सुकून तो देता है, लेकिन इस दौरान संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। हवा में नमी ज्यादा होने की वजह से शरीर के कुछ हिस्से लंबे समय तक नम रह सकते हैं। पीरियड्स के दौरान अगर साफ-सफाई का ठीक से ध्यान न रखा जाए, तो खुजली, जलन या संक्रमण जैसी दिक्कत हो सकती है। हालांकि, सिर्फ बारिश इसकी वजह नहीं होती, बल्कि हमारी कुछ छोटी-छोटी गलतियां भी इसका कारण बन जाती हैं। अच्छी बात यह है कि रोजमर्रा की कुछ आसान आदतें अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
पीरियड्स के दौरान कई महिलाएं घंटों तक एक ही पैड लगाए रहती हैं। इससे नमी बढ़ जाती है और कीटाणु पनपने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए हर 4 से 6 घंटे में पैड बदलना बेहतर माना जाता है। अगर ब्लीडिंग ज्यादा हो, तो इससे पहले भी पैड बदल लेना चाहिए।
बारिश में कपड़े भीगना आम बात है। लेकिन गीले कपड़े या पसीने से भीगे अंडरगारमेंट्स लंबे समय तक पहनने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। कोशिश करें कि हमेशा साफ और सूती अंडरगारमेंट्स पहनें।
कुछ महिलाएं बार-बार खुशबू वाले साबुन या इंटिमेट वॉश का इस्तेमाल करती हैं। इससे शरीर का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है। सामान्य पानी से बाहरी हिस्से की सफाई करना ही काफी होता है। किसी खास प्रोडक्ट का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
अगर आपको डायबिटीज है, पहले भी संक्रमण हो चुका है या शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर है, तो बारिश के मौसम में थोड़ा ज्यादा सतर्क रहें। संतुलित भोजन करें, पर्याप्त पानी पिएं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
अगर तेज खुजली, जलन, बदबू, असामान्य स्राव या पेशाब के समय दर्द महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। ये संक्रमण के संकेत हो सकते हैं। समय पर डॉक्टर से सलाह लेने से समस्या बढ़ने से बच सकती है।
बारिश के मौसम में पीरियड्स के दौरान समय पर पैड बदलना, गीले कपड़ों से बचना, साफ-सफाई रखना और शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। ये छोटी-छोटी आदतें आपको संक्रमण से बचाने के साथ-साथ पूरे पीरियड्स के दौरान आरामदायक और स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।
प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।