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भारत की प्रतिष्ठा सामंता ने कॉमनवेल्थ गेम्स में रचा इतिहास, वॉल्ट फाइनल में पहुंचकर जगाई पदक की उम्मीद

Commonwealth Games 2026: प्रतिष्ठा ने अपने पहले वॉल्ट में 5.0 की डिफिकल्टी के साथ 8.550 का एग्जीक्यूशन स्कोर हासिल किया और कुल 13.550 अंक बटोरे। दूसरे वॉल्ट में डिफिकल्टी थोड़ी कम 4.0 थी, लेकिन उन्होंने 8.700 के बेहतरीन एग्जीक्यूशन से 12.700 अंक जुटाए।

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प्रतिष्ठा सामंता (फोटो साभार- protistha_2003)

Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की जिम्नास्ट प्रतिष्ठा सामंता ने शानदार प्रदर्शन कर महिला वॉल्ट स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली है। शनिवार को हुए क्वालीफाइंग राउंड में पश्चिम बंगाल की 22 वर्षीय प्रतिष्ठा ने दाएं पैर में पट्टी बांधकर भी जबरदस्त हौसला दिखाया और 13.025 के औसत स्कोर के साथ टॉप 8 में जगह पक्की की।

प्रतिष्ठा ने बनाई फाइनल में जगह

प्रतिष्ठा ने अपने पहले वॉल्ट में 5.0 की डिफिकल्टी के साथ 8.550 का एग्जीक्यूशन स्कोर हासिल किया और कुल 13.550 अंक बटोरे। दूसरे वॉल्ट में डिफिकल्टी थोड़ी कम 4.0 थी, लेकिन उन्होंने 8.700 के बेहतरीन एग्जीक्यूशन से 12.700 अंक जुटाए। दोनों प्रयासों का औसत 13.025 रहा, जिससे वह फाइनल में छठे नंबर पर क्वालीफाई करने में सफल रहीं। चोट के बावजूद उनका यह प्रदर्शन तकनीक और मानसिक मजबूती दोनों का उदाहरण बना।

टीम स्पर्धा में निराशाजनक रहा प्रदर्शन

टीम स्पर्धा में भारत का दिन हालांकि निराशाजनक रहा। प्रणति नायक, प्रतिष्ठा सामंता, निश्का अग्रवाल और ईशिता रेवाले की टीम ने चारों रोटेशन में मिलाकर 123.000 अंक बनाए और नौवां स्थान हासिल किया। टीम इवेंट में ऑस्ट्रेलिया ने 158.400 अंकों के साथ गोल्ड जीता, कनाडा को सिल्वर और इंग्लैंड को ब्रॉन्ज मिला। व्यक्तिगत स्तर पर भी भारत को थोड़ी निराशा हाथ लगी। अनुभवी प्रणति नायक 12.575 के औसत के साथ 11वें स्थान पर रहीं और तीसरी रिजर्व बनीं। लंबे समय तक वह क्वालीफिकेशन की रेस में थीं, लेकिन आखिरी सबडिवीजन के नतीजों ने उन्हें बाहर कर दिया। ईशिता रेवाले 41.700 अंकों के साथ ऑलराउंड में 28वें और निश्का अग्रवाल 11.075 अंकों के साथ वॉल्ट में 19वें स्थान पर रहीं।

फाइनल में सभी जिम्नास्ट करेंगे जीरो से शुरुआत

वॉल्ट के क्वालीफाइंग में इंग्लैंड की एबिगेल मार्टिन 13.600 के साथ पहले, ऑस्ट्रेलिया की जॉर्जिया गॉडविन 13.350 के साथ दूसरे और वेल्स की एमिली रोपर 13.300 के साथ तीसरे नंबर पर रहीं। प्रतिष्ठा ने इंग्लैंड की रूबी स्टेसी के बराबर 13.025 का स्कोर किया। फाइनल में अब सभी जिम्नास्ट जीरो से शुरुआत करेंगे। क्वालीफाइंग के अंक आगे नहीं जुड़ेंगे, इसलिए पदक के लिए और बेहतर प्रदर्शन करना होगा। चोट के बावजूद दबाव में जिस तरह प्रतिष्ठा ने क्लीन वॉल्ट लगाए, उससे उम्मीद है कि फाइनल में वह कठिनाई बढ़ाकर या एग्जीक्यूशन और बेहतर करके पोडियम तक पहुंच सकती हैं।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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