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Bihar Board Grace Marks Policy: क्या है बिहार बोर्ड की ग्रेस मार्क्स पालिसी, फेल छात्रों को भी कैसे मिलता है पास होने का मौका

Bihar Board Grace Marks Policy: बिहार बोर्ड का रिजल्ट आ चुका है। लाखों स्टूडेंट्स के दिल की धड़कनें तेज हो रही थीं और वे इंतजार कर रहे थे कि रिजल्ट कैसा रहेगा। जरूरी नहीं कि रिजल्ट हमेशा छात्रों की उम्मीद के मुताबिक ही हो। ऐसे में अगर आपके उम्मीद के मुताबिक मार्क्स नहीं आए, या फिर किसी सब्जेक्ट में फेल हो गए तो परेशान होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। हम आपको ऐसे तरीके बताएंगे, जो आपका समय और भविष्य दोनों ही बर्बाद नहीं होने देंगे। Bihar Board Result 2026, BSEB Bihar Board 12h Result

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Bihar Board Grace Marks Policy

Bihar Board Result 2026 : बिहार बोर्ड 12वीं का रिजल्ट फाइनली जारी हो चुका है। कई बार ऐसा होता है कि एग्जाम में छात्र कॉपी बहुत अच्छी लिखकर आते हैं लेकिन परिणाम उस तरह से नहीं मिल पाता। कई बार परिणाम उम्मीदों से बिल्कुल अलग होता है। लेकिन अगर आपके मार्क्स उम्मीद के मुताबिक नहीं आए हैं या फिर किसी सब्जेक्ट में फेल हो गए हैं, तो भी परेशान होने वाली बात नहीं है। बिहार बोर्ड ने ऐसे छात्रों के लिए भी कुछ मौकों को खुला रखा हुआ है। जिससे कि उनका भविष्य बर्बाद ना हो और वे अन्य स्टूडेंट्स की तरह आगे का रास्ता बना सकें। चलिये बात करते हैं उन तरीकों के बारे में...

बिहार बोर्ड में कम नंबर या फिर फेल होने पर छात्रों को कुछ ऑप्शन मिल जाते हैं, जिससे कि उनका भविष्य खराब ना हो। बोर्ड छात्रों को कुछ ऐसे ऑप्शन देता है, जिससे छात्र अपना समय और करियर दोनों को ही बचा सकते हैं। इसमें बिहार बोर्ड की ग्रेस मार्क्स पॉलिसी बेहद खास है, जिससे बोर्ड छात्रों को पास कर देता है और उनका साल खराब होने से बच जाता है। लेकिन इसकी भी कुछ शर्ते हैं। चलिये बात करते हैं बोर्ड की इस पॉलिसी के बारे में...

क्या है बिहार बोर्ड की ग्रेस मार्क्स पॉलिसी ? Bihar Board Grace Marks Policy

बिहार बोर्ड की एक पॉलिसी बेहद ही खास है। इसके तहत अगर किसी छात्र के किसी भी सब्जेक्ट में बेहद कम मार्क्स होते हैं तो बोर्ड उन बच्चों को खुद ही पास कर लेता है, जो एकदम बॉर्डर लाइन पर होते हैं। हालांकि इसके भी कुछ नियम होते हैं। अगर आप किसी भी एक विषय में 8% या फिर दो सब्जेक्ट्स में 4-4% नंबर्स से फेल हो रहे हैं तो बोर्ड आपको ग्रेस मार्क्स देकर पास कर देता है। वहीं अगर आपके कुल 75% नंबर हैं लेकिन किसी भी एक सब्जेक्ट में आप 10% मार्क्स से फेल हो रहे हैं तब भी आपको इस विशेष नियम के तहत पास किया जा सकता है।

स्क्रूटनी का मिलेगा ऑप्शन

ग्रेस मार्क्स पॉलिसी के अलावा भी बिहार बोर्ड देने वाले छात्रों के पास कुछ अन्य ऑप्शन होते हैं। कई बार छात्रों को पूरा भरोसा होता है कि उन्होंने पेपर काफी अच्छा लिखा था लेकिन रिजल्ट उम्मीद के अनुसार नहीं मिल पाता है। ऐसे में अगर आपने भी पेपर अच्छा लिखा है और आपको इस बात पर पूरा भरोसा है तो आपके लिए स्क्रूटनी का ऑप्शन बेहद अच्छा रहेगा। स्क्रूटनी का मतलब होता है रीचेकिंग। आप रिजल्ट आने के बाद अगर मार्क्स से खुश नहीं हैं तो कॉपी को रीचेकिंग के लिए भी दे सकते हैं। इसमें थोड़ा समय लगता है लेकिन आपको अपनी उम्मीद के हिसाब से बोर्ड कॉपी चेक करके मार्क्स दे देता है।

बोर्ड हर सब्जेक्ट की कॉपी चेक करने के लिए प्रति विषय 120 रुपये लेता है। ऐसे में आपको जिस भी विषय की कॉपी चेक करवानी हो, आप 120 रुपये देकर करवा सकते हैं। रिजल्ट आने के कुछ दिनों के बाद बोर्ड की वेबसाइट पर इसका लिंक खुलता है। आप लिंक के जरिये दोबारा कॉपी चेक करने के लिए दे सकते हैं।

कंपार्टमेंट परीक्षा से बचेगा आपका साल

अगर कोई छात्र एक या फिर दो विषयों में फेल होता है तो उसका साल बिल्कुल भी बर्बाद नहीं होगा। ऐसे छात्रों के लिए बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन करता है। इसमें आप इसी साल परीक्षा देकर पास हो सकते हैं और फिर अगली कक्षा में एडमिशन भी ले सकते हैं। रिजल्ट आने के बाद कंपार्टमेंट परीक्षा के फॉर्म भरे जाते हैं और फिर इसका एग्जाम होता है। ऐसे में आप पहले से कहीं बेहतर तैयारी के साथ फिर से एग्जाम दे सकते हैं।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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