BPSC TRE-4 Student Protest: बिहार में शिक्षक बहाली के चौथे चरण (TRE-4) के विज्ञापन का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों का धैर्य गुरुवार को जवाब दे गया, जिसके बाद राजधानी पटना के जेपी गोलंबर पर बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन (Student Protest) करने पहुंचे। हालांकि, इस विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज कर उन्हें वहां से खदेड़ा गया। पुलिस के द्वारा किए गए लाठीचार्ज में कई छात्रों को चोटें आई हैं, जिसके बाद छात्रों के बीच काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। तेज आंधी और बारिश के बावजुद छात्रों का प्रदर्शन जारी है।
क्यों नाराज हैं छात्र?
छात्रों की नाराजगी का मुख्य कारण बिहार लोक सेवा आयोद (BPSC) द्वारा विज्ञापन जारी करने में हो रही लगातार देरी है। छात्र नेता दिलीप कुमार का आरोप है कि आयोग टीआरई-4 की वैकेंसी को लेकर लंबे समय से छात्रों को गुमराह कर रहा है। टीचर भर्ती परीक्षा में शामिल होने के लिए करीब 13 लाख उम्मीदवार इंतजार कर रहे हैं। लेकिन आयोग बार-बार नई डेट जारी कर रहा है। हाल ही में परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) की ओर से संकेत दिए गए थे कि 19 अप्रैल तक विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा और आखिरी सप्ताह से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। लेकिन मई का दूसरा सप्ताह शुरू हो गया है। आवेदन तो दूर की बात अभी तक विज्ञापन भी जारी नहीं किया गया है। इससे से परेशान होकर छात्रों ने पटना जाम करने का फैसला किया।
टीआरई-4 में किन पदों पर होनी है भर्ती?
शिक्षक भर्ती के इस चौथे चरण के तहत कुल चार विभागों में 46,882 पदों पर भर्ती की जानी है। इनमें शिक्षा विभाग के अलावा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग भी शामिल है। रिक्तियों का विवरण इस प्रकार है:
उच्च माध्यमिक (कक्षा 11-12) - सबसे अधिक 16,774 पद
प्राथमिक (कक्षा 1-5) - 10,778 पद
माध्यमिक (कक्षा 9-10) - 9,082 पद
मध्य विद्यालय (कक्षा 6-8) - 8,583 पद
क्या है छात्रों की मांग?
आयोग के कैलेंडर और चर्चाओं के अनुसार, इन पदों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 22 से 27 सितंबर 2026 के बीच होने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन छात्रों का कहना है कि जब तक आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं होता, तब तक परीक्षा की तारीखों का कोई अर्थ नहीं है। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार और आयोग जल्द से जल्द नोटिफिकेशन जारी करें और फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू करें ताकि लाखों युवाओं का भविष्य अधर में न लटके। पुलिसिया कार्रवाई के बाद अब यह मामला और भी गरमाता नजर आ रहा है।
